सिंहभूम चैम्बर में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) में अपील दायर करने की प्रक्रिया पर आयोजित हुआ सफल सेमिनार

प्रेस विज्ञप्ति
21 जुलाई, 2026

सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के टैक्स एवं फाइनेंस उपसमिति द्वारा आज चैम्बर भवन, बिष्टुपुर में “Filing of Appeals before GSTAT” विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के चार्टर्ड एकाउंटेंट्स, अधिवक्ताओं, कर सलाहकारों एवं बड़ी संख्या में उद्योगपति एवं व्यवसायियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री आनंद कुमार, IRS, आयुक्त, केंद्रीय जीएसटी, जमशेदपुर तथा विशिष्ट अतिथि श्री रणविजय कुमार, अपर आयुक्त, केंद्रीय जीएसटी, जमशेदपुर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिंहभूम चैम्बर के अध्यक्ष श्री मानव केडिया ने की।

कार्यक्रम का प्रारंभ अध्यक्ष श्री मानव केडिया के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि जीएसटी कानून निरंतर विकसित हो रहा है तथा जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) के संचालन प्रारंभ होने के बाद व्यवसायियों एवं करदाताओं के लिए इसकी प्रक्रियाओं की सही जानकारी अत्यंत आवश्यक हो गई है।

इसके उपरांत मुख्य अतिथि श्री आनंद कुमार, IRS, आयुक्त, केंद्रीय जीएसटी, जमशेदपुर ने अपने संबोधन में कहा कि करदाताओं एवं विभाग के बीच स्वस्थ एवं पारदर्शी कर व्यवस्था के लिए कानून की सही समझ और समयबद्ध अनुपालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि GSTAT की स्थापना से करदाताओं को एक प्रभावी एवं सुलभ अपीलीय मंच प्राप्त हुआ है, जिससे विवादों का शीघ्र एवं न्यायसंगत समाधान संभव होगा। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे कानून के प्रावधानों का पालन करते हुए अपने अधिकारों एवं दायित्वों के प्रति जागरूक रहें।

इसके पश्चात कोलकाता से पधारे सीए एवं अधिवक्ता अभिषेक अग्रवाल (FCA, LLB, DISA) ने अत्यंत व्यावहारिक एवं सरल भाषा में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील दायर करने की संपूर्ण प्रक्रिया पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की—

1. सही बेंच का चयन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि कुछ विशेष मामलों की सुनवाई केवल नई दिल्ली स्थित प्रिंसिपल बेंच में होती है, जबकि अन्य सभी मामलों की सुनवाई राज्य बेंच द्वारा की जाती है। गलत बेंच में अपील दायर करने से अपील की समय-सीमा (Limitation) प्रभावित हो सकती है।

2. विभाग द्वारा जारी प्रत्येक पत्र या नोटिस के विरुद्ध GSTAT में अपील नहीं की जा सकती। केवल प्रथम अपीलीय प्राधिकारी द्वारा पारित आदेश (APL-04), पुनरीक्षण आदेश अथवा प्रवेश स्तर पर अस्वीकृत अपील (APL-02) जैसी परिस्थितियों में ही अपील का अधिकार उपलब्ध होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपील की समय-सीमा आदेश जारी होने की तिथि से नहीं, बल्कि आदेश की प्राप्ति (Communication) की तिथि से प्रारंभ होती है।

3. प्रथम अपीलीय प्राधिकारी से अनुकूल आदेश प्राप्त होने के बाद भी मामला समाप्त नहीं माना जाना चाहिए। यदि विभाग चाहे तो वह छह माह के भीतर GSTAT में अपील दायर कर सकता है। इसलिए करदाताओं को ट्रिब्यूनल पोर्टल पर नियमित रूप से अपने मामलों की निगरानी करनी चाहिए, जिससे विभागीय अपील की सूचना छूट न जाए।

4. Cross Objection का अधिकार GST कानून में उपलब्ध सबसे प्रभावी एवं कम उपयोग किया जाने वाला उपाय है। यदि विभाग अपील दायर करता है तो करदाता बिना किसी प्री-डिपॉजिट एवं अतिरिक्त शुल्क के निर्धारित अवधि के भीतर Cross Objection दाखिल कर सकता है तथा उन मुद्दों को भी चुनौती दे सकता है जिन पर उसे आंशिक प्रतिकूल निर्णय मिला हो।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि “Cross Objection जीएसटी अपीलीय व्यवस्था का सबसे कम खर्चीला और प्रभावी उपाय है, क्योंकि इसमें न कोई प्री-डिपॉजिट देना होता है और न ही कोई अतिरिक्त शुल्क लगता है, फिर भी अधिकांश करदाता इसका उपयोग नहीं करते।”

उन्होंने यह भी कहा कि “जीएसटी अपीलों में Limitation आदेश जारी होने की तिथि से नहीं, बल्कि उसके संप्रेषण (Communication) की तिथि से गिनी जाती है। यह एक छोटा-सा अंतर अनेक मामलों के परिणाम को पूरी तरह बदल देता है।”

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों ने GSTAT से संबंधित विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं एवं जिज्ञासाओं पर प्रश्न पूछे, जिनका सीए अभिषेक अग्रवाल ने विस्तारपूर्वक समाधान प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता अंशुल रिंगसिया, सचिव – टैक्स एवं फाइनेंस, सिंहभूम चैम्बर ने किया।

अंत में मानद महासचिव श्री पुनीत कौंटिया ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि श्री आनंद कुमार, IRS, विशिष्ट अतिथि श्री रणविजय कुमार, सेमिनार के मुख्य वक्ता सीए अभिषेक अग्रवाल, उपस्थित सभी सदस्यों, चार्टर्ड एकाउंटेंट्स, अधिवक्ताओं एवं व्यवसायियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से इस ज्ञानवर्धक सेमिनार के प्रायोजक JM Finance का सहयोग हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में उपाध्यक्ष अनिल मोदी, हर्ष अग्रवाल ,सचिव भारत मकानी, विनोद शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य श्री प्रतीक अग्रवाल के अलावा बड़ी संख्या में अधिवक्तागण, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कर सलाहकार, उद्योगपति एवं व्यवसायीगण उपस्थित रहे।

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