देशभर में NEET पेपर लीक और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ उठी आवाज अब झारखंड तक पहुंच गई है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन से प्रेरित होकर अब रांची में भी हजारों छात्र राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाओं, विशेषकर JPSC (Jharkhand Public Service Commission) और JSSC (Jharkhand Staff Selection Commission) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं।
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले कई दिनों से छात्रों का लगातार जमावड़ा लगा हुआ है। राज्य के विभिन्न जिलों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी यहां पहुंच रहे हैं और पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। कई छात्र धरना स्थल पर टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन आंदोलन में डटे हुए हैं।
इस आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका कोई एक बड़ा नेता या “सरदार” नहीं है। यह पूरी तरह छात्र-नेतृत्व वाला जनआंदोलन बनकर उभरा है, जहां अलग-अलग जिलों से आए युवा स्वयं समन्वय कर रहे हैं। सोशल मीडिया और आपसी नेटवर्किंग के जरिए आंदोलन को गति मिल रही है। छात्र इसे अपने भविष्य और रोजगार से जुड़ा संघर्ष बता रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी रही है। उनका कहना है कि परीक्षा परिणामों, कट-ऑफ, मूल्यांकन प्रक्रिया और चयन प्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। छात्र इन मामलों की निष्पक्ष जांच, कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई तथा भविष्य में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन और CJP (Cockroach Janta Party) द्वारा परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को मिले व्यापक समर्थन के बाद झारखंड के छात्रों में भी नया उत्साह देखने को मिल रहा है। हालांकि रांची का आंदोलन स्थानीय भर्ती परीक्षाओं और राज्य की भर्ती एजेंसियों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है, लेकिन छात्रों का कहना है कि देशभर में निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग अब एक साझा आवाज बन चुकी है।
फिलहाल जयपाल सिंह स्टेडियम छात्र आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी यहां एकत्र होकर सरकार से अपनी मांगों पर ठोस निर्णय लेने की अपील कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।






