जमशेदपुर में आयोजित 17वें स्वदेशी मेला का विवरणिका संप्रेषण आज चैम्बर भवन, बिष्टुपुर, जमशेदपुर में संपन्न हुआ।

भारतीय विपणन विकास केन्द्र ;ब्ठडक्द्ध और स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 13-21 मार्च, 2024 तक गोपाल मैदान, बिष्टुपुर, जमशेदपुर में आयोजित 17वें स्वदेशी मेला का विवरणिका संप्रेषण आज चैम्बर भवन, बिष्टुपुर, जमशेदपुर में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री रतन लाल गुप्ता, अपर आयुक्त, राज्य कर (प्रशासन) उपस्थित थे। उन्होंने उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुये कहा कि सर्वप्रथम अंग्रेजों के शासन में स्वदेशी का भाव लोगों के मन में जागृत हुआ। हमारा देश अंग्रेजों के शासन काल के पहले दुनिया में काफी समृद्ध और विकसित हुआ करता था। पूरी दुनिया इसे सोने की चिड़िया कहा करती थी। भारत खनिज संपदा से भरापूरा था। अंग्रेज यहां से कच्चे माल ब्रिटेन भेजकर वहां से तैयार आयातित माल को भारत सहित पूरी दुनिया में बेचकर नाम कमाता रहा। लगभग तीन हजार साल पहले पूरी दुनिया का 33 प्रतिशत व्यापार का हिस्सा हमारे देश का होता था। आज लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका का और 25 प्रतिशत हिस्सा चीन को है और बाकी 50 प्रतिशत हिस्सा पूरे विश्व के दूसरे देशों का है। अभी भी हमारे देश सभी राज्यों मेें कुछ न कुछ महत्वपूर्ण वस्तुओं का उत्पादन होता है। हम कैसे इसका अधिकतम उपयोग करें, खरीदें इसे आगे बढ़ाना है और यही स्वदेशी का उद्देश्य है। रोजगार के अवसर स्वदेशी से होकर निकलता है। रोजगार बढ़ेंगे तो पर्चेजिंग पावर बढ़ेगा और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि के रूप में रंजोत सिंह, वाईस चेयरमैन, सीआईआई, झारखण्ड स्टेट काउंसिल ने कहा कि स्वदेशी मेला जमशेदपुर का एक महत्वपूर्ण आयोजन है। हमें इसे बढ़ावा देना है। वोकल फॉर लोकल की दिशा मंे लगातार आगे बढ़ते रहना है। झारखण्ड मेें इतने अच्छे-अच्छे उत्पाद हैं हमें इसे बाजार उपलब्ध कराना है। और यह सीबीएमडी और स्वदेशी के द्वारा किया जा रहा है।

विवरणिका संप्रेषण कार्यक्रम में उपस्थित स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य एवं खादी ग्रामोद्योग के पूर्वी भारत के सदस्य मनोज कुमार सिंह ने विषय प्रवेश करते हुये कहा कि स्वदेशी मेला का आयोजन एक पारिवारिक आयोजन के रूप में लोगों में स्वदेशी की भावना जागृत करने के उद्देश्य से किया जाता है। इसकी तुलना दूसरे टेªड फेयरों से नहीं की जा सकती है। स्वदेशी का उद्देश्य इस मेले के माध्यम से देश की जीवन पद्धती, संस्कृति को आगे कर अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना है। तभी भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा।

अध्यक्षीय भाषण देते हुये स्वावलंबी झारखण्ड माईक्रावेलफेयर डेवलपमेंट सेंटर के चेयरमैन मुरलीधर केडिया ने कहा जमशेदपुर मे पहला स्वदेशी मेला वर्ष 2001 मेल आयोजित किया गया था तब इसे आयोजित करने हेतु संसाधन जुटाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लेकिन धीरे-धीरे आज यह जमशेदपुरवासियों के लिये एक मेला न होकर उत्सव के रूप में आयोजित हो रहा है। जिसका इंतजार शहरवासियों को रहता है।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण मेला संयोजक अशोक गोयल ने तथा मंच संचालन श्रीमती मंजू ठाकुर सीबीएमडी प्रमुख, झारखण्ड बिहार ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन स्वदेशी जागरण मंच के विभाग संयोजक श्री राजकुमार साह ने किया। स्वदेशी जागरण मंच की जिला संयोजक श्रीमती राजपति देवी ने स्वदेशी गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरूआत की।

इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संघर्षवाहिनी प्रमुख बंदेशंकर सिंह, प्रांत प्रचार प्रमुख अमित मिश्रा, जे.के.एम. राजू, रामानंद लाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रविन्द्र जी, व्हीं. नटराजन, जयंत श्रीवास्तव, नवीन अग्रवाल, जीतू गर्ग, खंडेलवाल जी, अमलेश झा, संजीत सिंह, विकास साहनी, सुजीत कुमार, बलराम यादव, मधुलिका मेहता, अभिमन्यू सिंह, रविप्रकाश, अमर सिंह, सुखदेव सिंह, अभिषेक बजाज, गुरजीत सिंह, के.पी. चौधरी, गौरवशंकर सिंह, रवि मिश्रा, मुकेश कुमार, मुकेश भदानी, सुनील वर्णवाल, शारदा देवी, वंदना साहू, रामेश्वर लाल, आनंद मजुमदार, अभय सिंह सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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