ब्रेकिंग: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के अध्यक्ष एल. ख्यांगते ने दिया इस्तीफा, देर शाम CID टीम के आवास पहुंचने के बाद बढ़ी चर्चाएं

रांची: झारखंड की प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के अध्यक्ष एल. ख्यांगते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है। हालांकि, उनके इस्तीफे के पीछे की आधिकारिक वजह अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। राज्यपाल कार्यालय की ओर से भी अभी तक इस्तीफा स्वीकार किए जाने संबंधी कोई औपचारिक सूचना जारी नहीं हुई है।
इस घटनाक्रम ने इसलिए भी अधिक चर्चा बटोरी है क्योंकि इस्तीफे से कुछ समय पहले ही देर शाम सीआईडी (CID) की एक टीम एल. ख्यांगते के आवास पर पहुंची थी। हालांकि, अभी तक किसी भी सरकारी एजेंसी या राज्य सरकार की ओर से यह पुष्टि नहीं की गई है कि सीआईडी की इस कार्रवाई और उनके इस्तीफे का आपस में कोई संबंध है। ऐसे में दोनों घटनाओं को लेकर विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि के अभाव में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
आधिकारिक बयान का इंतजार
एल. ख्यांगते के इस्तीफे के बाद राज्य सरकार की ओर से कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। न ही आयोग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। अब सभी की नजरें राज्यपाल कार्यालय और कार्मिक विभाग पर टिकी हैं कि इस मामले में आगे क्या निर्णय लिया जाता है और आयोग के नए अध्यक्ष की नियुक्ति कब तक की जाती है।
फरवरी 2025 में बने थे JPSC के अध्यक्ष
एल. ख्यांगते वर्ष 1988 बैच के सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। उन्हें फरवरी 2025 में झारखंड लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। प्रशासनिक अनुभव और लंबे सरकारी कार्यकाल को देखते हुए उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना गया था।
JPSC अध्यक्ष के रूप में उन्होंने आयोग की कई लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को गति देने का प्रयास किया। उनके कार्यकाल में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया गया। लंबे समय से लंबित नियुक्तियों को पूरा कराने के लिए आयोग ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे।
मुख्य सचिव सहित कई अहम पदों पर दे चुके हैं सेवाएं
एल. ख्यांगते का प्रशासनिक करियर काफी लंबा और महत्वपूर्ण रहा है। वह झारखंड सरकार में मुख्य सचिव सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। प्रशासनिक मामलों में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों में गिना जाता रहा है।
अभ्यर्थियों की बढ़ी चिंता
JPSC अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के बीच भी चिंता बढ़ गई है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि आयोग की चल रही भर्ती प्रक्रियाओं और आगामी परीक्षाओं पर इसका प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, फिलहाल आयोग की ओर से परीक्षाओं या भर्ती प्रक्रिया में किसी बदलाव की सूचना नहीं दी गई है।
कई सवालों के जवाब अभी बाकी
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं—
एल. ख्यांगते ने अचानक इस्तीफा क्यों दिया?
उनके आवास पर सीआईडी टीम किस उद्देश्य से पहुंची थी?
क्या दोनों घटनाओं का आपस में कोई संबंध है या यह केवल संयोग है?
राज्य सरकार और राजभवन इस मामले में क्या रुख अपनाएंगे?
JPSC के नए अध्यक्ष की नियुक्ति कब होगी?
इन सभी सवालों के जवाब फिलहाल आधिकारिक रूप से सामने नहीं आए हैं। जब तक सरकार, सीआईडी या राजभवन की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी जारी नहीं होती, तब तक इस्तीफे के कारणों को लेकर किसी भी प्रकार की अटकलों की पुष्टि नहीं की जा सकती।
फिलहाल, झारखंड की प्रशासनिक व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में सरकार और संबंधित एजेंसियों की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक जानकारी के बाद ही इस मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

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