उपायुक्त की अध्यक्षता में निजी अस्पताल एवं नर्सिंग होम प्रबंधन के साथ मलेरिया नियंत्रण को लेकर आयोजित हुई कार्यशाला सह बैठक

जिला जनसंपर्क कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर
प्रेस विज्ञप्ति 481/2026
13 जुलाई 2026

उपायुक्त की अध्यक्षता में निजी अस्पताल एवं नर्सिंग होम प्रबंधन के साथ मलेरिया नियंत्रण को लेकर आयोजित हुई कार्यशाला सह बैठक

मलेरिया के प्रत्येक संदिग्ध मरीज की प्राथमिकता के आधार पर जांच करने, केस मिलने पर 24 घंटे के भीतर सिविल सर्जन कार्यालय को सूचना एवं उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश

पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण को लेकर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त श्री राजीव रंजन की अध्यक्षता में शहर के निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम प्रबंधन के साथ एक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिले में मलेरिया की वर्तमान स्थिति, समयबद्ध जांच, सूचना, उपचार एवं निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

उपायुक्त ने कहा कि मलेरिया नियंत्रण के लिए सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज में मलेरिया की पुष्टि होती है तो उसकी सूचना 24 घंटे के भीतर सिविल सर्जन कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए तथा उसी अवधि में मरीज का उपचार भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि निजी अस्पतालों या नर्सिंग होम में भी पोटका, डुमरिया, मुसाबनी, घाटशिला, धालभूमगड़ आदि प्रखंडों से बुखार की हिस्ट्री वाले मरीज आते हैं, सूचना प्राप्त होते ही मरीज के आसपास के घरों में मलेरिया जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। ऐसे मामलों में रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) के माध्यम से शीघ्र जांच कर समय पर उपचार प्रारंभ किया जाए। उपायुक्त ने विश्वास व्यक्त किया कि निजी चिकित्सा संस्थानों और सरकारी संस्थानों के समन्वित प्रयास से जिले में मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

कार्यशाला में बताया गया कि मलेरिया नियंत्रण के लिए 24 घंटे के भीतर केस की सूचना, जांच एवं उपचार, 72 घंटे के भीतर आसपास के अतिरिक्त संभावित मामलों की पहचान एवं उपचार, तथा 7 दिनों के भीतर प्रभावित क्षेत्र में ट्रैकिंग, पड़ोस एवं गांवों में सक्रिय सर्वेक्षण तथा इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (IRS) सहित आवश्यक नियंत्रण उपाय सुनिश्चित किए जाएंगे।

डब्लूएचओ के प्रतिनिधि ने बताया कि झारखंड के कई जिले मलेरिया की दृष्टि से अत्यधिक स्थानिक (Highly Endemic) हैं। ऐसे में सभी स्वास्थ्य संस्थानों को पूरी सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करनी होगी।

सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल ने सभी निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम संचालकों से अपील की कि मलेरिया के संदिग्ध मामलों की समय पर जांच, सूचना एवं उपचार सुनिश्चित करते हुए स्वास्थ्य विभाग का पूर्ण सहयोग करें।

#Team PRD (East Singhbhum)

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई