फिर विवादों में पटना-टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस: यात्री को परोसा गया कच्चा खाना, रेल मंत्री से शिकायत
जमशेदपुर : देश की प्रीमियम ट्रेनों में शामिल पटना-टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर खानपान की खराब व्यवस्था को लेकर विवादों में आ गई है। सोमवार को पटना से टाटानगर की यात्रा कर रहे एक यात्री को कच्चा और ठंडा भोजन परोस दिया गया, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से रेल मंत्रालय और रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw से शिकायत की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यात्री वरुण कुमार पटना से टाटानगर की यात्रा कर रहे थे। उन्होंने यात्रा के दौरान नॉन-वेज भोजन का ऑर्डर दिया था। लेकिन आरोप है कि ट्रेन में खाना खत्म हो जाने के बाद कोच अटेंडेंट ने उन्हें वैकल्पिक रूप में Haldiram’s का रेडी-टू-ईट पैकेट थमा दिया। यह पैकेट लगभग 150 रुपये कीमत का बताया जा रहा है, जिसे परोसने से पहले गर्म करना आवश्यक होता है।
यात्री का आरोप है कि उन्हें जो खाना दिया गया, वह बिना गर्म किए ही परोस दिया गया। इतना ही नहीं, पैकेट में मौजूद चावल पूरी तरह से कच्चे और अधपके थे, जिससे वह खाने योग्य नहीं थे। वरुण कुमार ने इस पूरे मामले को गंभीर लापरवाही बताते हुए ट्विटर (अब X) के माध्यम से रेल मंत्रालय को टैग कर शिकायत दर्ज कराई और इस पर कार्रवाई की मांग की है।
यात्रियों का कहना है कि वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन से ऐसी लापरवाही बिल्कुल भी अपेक्षित नहीं है। इस ट्रेन में यात्रा करने वाले लोग बेहतर सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण सेवा की उम्मीद रखते हैं, लेकिन बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाएं रेलवे की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
यह पहली बार नहीं है जब पटना-टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस में खानपान को लेकर शिकायत सामने आई हो। इससे पहले 15 मार्च को भी इसी ट्रेन में एक यात्री को खराब भोजन परोसे जाने का मामला सामने आया था। उस दौरान एक यात्री को Amul की दही दी गई थी, लेकिन पैकेट खोलने पर उसमें कीड़े पाए गए थे। इस घटना ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं और रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे।
उस मामले में शिकायत मिलने के बाद रेल मंत्रालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित कैटरिंग एजेंसी को बदल दिया था। जानकारी के अनुसार, उस समय एजेंसी पर 40 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया था, जबकि अमूल पर भी 10 लाख रुपये का दंड लगाया गया था। इसके बाद पुरानी एजेंसी को हटाकर नई एजेंसी आरके एसोसिएट एंड होटलियर्स प्राइवेट लिमिटेड को वंदे भारत एक्सप्रेस में खानपान की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
फिर उठे सवाल
हालांकि एजेंसी बदलने के बावजूद इस तरह की घटनाओं का दोबारा सामने आना कई सवाल खड़े करता है। यात्रियों का कहना है कि सिर्फ एजेंसी बदलना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सेवा की गुणवत्ता की नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई भी जरूरी है।
रेलवे के लिए यह एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है, क्योंकि वंदे भारत एक्सप्रेस को आधुनिक भारत की पहचान के रूप में पेश किया जाता है। ऐसे में यदि यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं भी सही तरीके से नहीं मिल पा रही हैं, तो यह चिंता का विषय है।
अब देखना यह होगा कि इस ताजा शिकायत पर रेल मंत्रालय क्या कदम उठाता है और क्या भविष्य में यात्रियों को बेहतर सेवा सुनिश्चित हो पाती है या नहीं।







