उच्च न्यायालय ने सीओ से पूछा, कब्जा हटाने की बजाय निर्माण ध्वस्त क्यों किया
रांची, 10 अप्रैल महादेव उरांव की अवमानना याचिका पर शुक्रवार काे झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। मामले में अदालत के आदेश के आलोक में सर्किल ऑफिसर (सीओ), हेहल की ओर से सो कॉज दायर किया गया। उनकी ओर से अदालत को बताया गया कि हस्तक्षेपकर्ताओं को तीन बार नोटिस दिया गया था, लेकिन उन्होंने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया। इसके बाद उनके स्ट्रक्चर (निर्माण) को तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई। इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि भूमि से कब्जा हटाने की बजाय आपने निर्माण ध्वस्त क्यों किया।
कोर्ट ने प्रार्थी से पूछा है कि उन्होंने रिट याचिका दाखिल करते समय हस्तक्षेपकर्ताओं से एग्रीमेंट करने व उनसे पैसा लेने के तथ्यों को क्यों छुपाया। कोर्ट ने मामले में प्रार्थी से भी जवाब मांगा है। अदालत ने हस्ताक्षेपकर्ताओं (पीड़ितों) को पूर्व में दी गई अंतरिम राहत (उनके खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक) अगले आदेश तक के लिए बरकरार रखी है।







