जमशेदपुर के प्राइवेट स्कूलों पर गंभीर आरोप, री-एडमिशन के नाम पर वसूली का मामला उठा
जमशेदपुर:शहर के निजी स्कूलों में री-एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से पैसे वसूले जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता राजा कांडिली ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को एक लिखित शिकायत सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि जमशेदपुर के कई प्राइवेट स्कूल हर वर्ष ‘फ्री एडमिशन’ या ‘री-एडमिशन’ के नाम पर अभिभावकों से अवैध रूप से पैसे वसूलते हैं। इतना ही नहीं, स्कूल प्रबंधन द्वारा एक पर्ची देकर उसी के आधार पर स्कूल परिसर में ही स्टॉल लगाकर किताबें बेची जाती हैं, जिससे अभिभावकों को मजबूरी में वहीं से किताबें खरीदनी पड़ती हैं।
राजा कांडिली ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कई अभिभावक उनकी पार्टी के पास शिकायत लेकर पहुंचे हैं। लेकिन स्कूल प्रबंधन के दबाव के कारण वे खुलकर विरोध नहीं कर पाते। आरोप है कि यदि कोई अभिभावक इस तरह की वसूली का विरोध करता है, तो उसके बच्चों के साथ मानसिक उत्पीड़न किया जाता है और यहां तक कि स्कूल से नाम काटने की धमकी भी दी जाती है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित अभिभावक मजबूरी में चुप रह जाते हैं और इस तरह की व्यवस्था को सहने को विवश होते हैं। इससे न सिर्फ अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पत्र में उपायुक्त से मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि अभिभावकों को इस तरह की परेशानियों से राहत मिल सके।
इस मामले के सामने आने के बाद शहर में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है और अभिभावकों को राहत दिलाने के लिए क्या ठोस कार्रवाई की जाती है।







