मुआवजा की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पिछली–कुदादा सड़क निर्माण कार्य को रोक दिया। जानकारी के अनुसार सड़क चौड़ीकरण में 14 गांवों के किसानों की रैयती जमीन जा रही है, जिसको लेकर रैयतदारों ने पहले मुआवजा भुगतान करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बांगो, धीरौल और चमाईजुड़ी में सर्वे कर रही टीम को यह कहकर रोक दिया कि जब तक जमीन के बदले मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक सड़क निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन सड़क निर्माण में चली गई है, इसलिए पहले मुआवजा मिलना चाहिए, उसके बाद ही काम शुरू किया जाए।
मामले को लेकर पोटका अंचल कार्यालय में सीओ निकिता बाला ने रैयतदारों, ग्राम प्रधान और मुखिया के साथ बैठक की। बैठक में भू-अर्जन विभाग और पथ निर्माण विभाग के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान आपसी सामंजस्य बनाकर समस्या के समाधान का प्रयास किया गया।
सीओ निकिता बाला ने बताया कि 14 गांवों में करीब 95 प्रतिशत सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। ग्रामीणों के साथ लगातार संपर्क में रहकर भू-अर्जन विभाग द्वारा जल्द से जल्द मुआवजा भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शीघ्र ही मुआवजा का भुगतान कर सड़क निर्माण कार्य फिर से शुरू करा दिया जाएगा।






