जमशेदपुर के प्रसिद्ध उद्यमी एवं आरएसबी कंपनी के मालिक डॉ. आर.के. बेहरा को पिछले दिनों एनआईटी जमशेदपुर के 15वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया. यह सम्मान उन्हें सामाजिक क्षेत्र में लंबे समय से किए जा रहे योगदान के लिए प्रदान किया गया. राष्ट्रपति के हाथों यह प्रतिष्ठित उपाधि मिलने के बाद डॉ. आर.के. बेहरा ने राष्ट्रपति के प्रति आभार प्रकट किया और इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया. डॉ. बेहरा ने कहा कि राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त करना उनके लिए अत्यंत गर्व की बात है. यह उपाधि किसी व्यक्तिगत उपलब्धि से अधिक समाज के प्रति उनके दायित्व और सेवा भाव की पहचान है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सम्मान उन्हें सामाजिक कार्यों, विशेषकर आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों के उत्थान के लिए किए गए प्रयासों के कारण मिला है.
डॉ. आर.के. बेहरा ने बताया कि उनकी कंपनी आरएसबी पिछले कई वर्षों से समाजिक दायित्वों के निर्वहन को प्राथमिकता देती आ रही है. कंपनी ने खासकर आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को लेकर लगातार कार्य किया है. उन्होंने जानकारी दी कि पुणे में आरएसबी कंपनी द्वारा एक आदिवासी गांव को गोद लिया गया है, जहां ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा, रोजगार और आधारभूत संरचना पर काम किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि झारखंड में राज्य सरकार की ओर से इस प्रकार की कोई योजना सामने आती है, तो आरएसबी कंपनी यहां भी किसी ट्राइबल गांव को गोद लेकर उसके सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करेगी. उनका मानना है कि उद्योगों की जिम्मेदारी केवल मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना भी है. डॉ. बेहरा ने कहा कि वे बीते कई वर्षों से सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं और आगे भी कंपनी समाज और देश के लिए क्या बेहतर किया जा सकता है, इसी दिशा में काम करती रहेगी. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक समानता के माध्यम से ही राज्य और देश का समग्र विकास संभव है. अंत में डॉ. आर.के. बेहरा ने कहा कि यह सम्मान उन्हें और अधिक जिम्मेदारी का एहसास कराता है. आने वाले समय में आरएसबी कंपनी समाज के उत्थान, आदिवासी क्षेत्रों के विकास और राष्ट्र निर्माण में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगी.







