राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर, जो भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है, ने आज अपने परिसर में अत्यंत गरिमा और शैक्षणिक उत्साह के साथ 15वाँ दीक्षांत समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किया।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जमशेदपुर में 15वाँ दीक्षांत समारोह

माननीय राष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न

जमशेदपुर | 29 दिसंबर 2025

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर, जो भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है, ने आज अपने परिसर में अत्यंत गरिमा और शैक्षणिक उत्साह के साथ 15वाँ दीक्षांत समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किया

इस समारोह की शोभा माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मुख्य अतिथि के रूप में बढ़ाई। उनके साथ संतोष गंगवार, झारखंड सरकार के मंत्रीगण तथा अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

दीक्षांत भाषण में माननीय राष्ट्रपति ने स्नातक हो रहे विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को बधाई देते हुए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में झारखंड एवं देश के लिए एनआईटी जमशेदपुर के बढ़ते योगदान की सराहना की। उन्होंने संस्थान के प्रौद्योगिकी व्यवसाय ऊष्मायन (टीबीआई) केंद्र की प्रशंसा करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थान राष्ट्र की बौद्धिक प्रयोगशालाएँ होते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीकी प्रगति को मानव कल्याण से जोड़ने का आह्वान किया और 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने की दिशा में योगदान देने पर बल दिया। संवेदनशीलता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व के बिना अनुसंधान के सीमित महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने साइबर अपराध और ई-कचरे जैसी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार के साथ मिलकर कार्य करने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शैक्षणिक उपलब्धियों को उल्लासपूर्वक मनाने के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया।

झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और शीघ्र ही तीसरे स्थान की ओर अग्रसर है। उन्होंने इस प्रगति का श्रेय दूरदर्शी नेतृत्व को दिया और कहा कि ज्ञान तभी सार्थक होता है जब वह समाज के कल्याण में योगदान दे। उन्होंने सभी स्नातकों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।

झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरुआ ने सभी विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया और स्नातक विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए बधाई दी।

बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष, सुनील अलघ, ने विद्यार्थियों को अवसरों की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं अवसर सृजित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने संवाद, विचार-विनिमय और आत्मविश्वास के महत्व पर जोर देते हुए चुनौतियों के बावजूद बड़े लक्ष्य प्राप्त करने का संदेश दिया।

निदेशक, एनआईटी जमशेदपुर, गौतम सूत्रधर, ने संस्थान की हालिया उपलब्धियों का उल्लेख किया—जिसमें एनआईआरएफ में 82वीं रैंक, केंद्रीय अनुसंधान सुविधा (सीआरएफ) का सुदृढ़ीकरण तथा टीबीआई के माध्यम से नवाचार और उद्यमिता का विस्तार शामिल है। उन्होंने अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और राष्ट्र-निर्माण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराया।

पुरस्कार एवं सम्मान

दीक्षांत समारोह के दौरान माननीय राष्ट्रपति ने चार प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए, जिनमें दो स्वर्ण पदक और दो मानद उपाधियाँ शामिल हैं।

उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन हेतु स्वर्ण पदक प्रदान किए गए:

कृष्णाशीष मंडल, एम.एससी. (भौतिकी) — सीजीपीए 9.64

प्रियांशु राज, बी.टेक. (विद्युत अभियांत्रिकी) — सीजीपीए 9.52

मानद उपाधियाँ प्रदान की गईं:

स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज — डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (मानद); समाज, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत में विशिष्ट योगदान हेतु।

रवींद्र कुमार बेहरा — डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (मानद); उद्योग, उद्यमिता और राष्ट्र-निर्माण में उल्लेखनीय योगदान हेतु।

प्रदान की गई उपाधियाँ

दीक्षांत समारोह में कुल 1,114 उपाधियाँ प्रदान की गईं, जिनमें दो मानद उपाधियाँ शामिल हैं।

इनमें से 612 विद्यार्थियों ने व्यक्तिगत रूप से उपाधियाँ प्राप्त कीं:

स्नातक (यूजी): 417

स्नातकोत्तर (पीजी): 149

पीएच.डी.: 46

कार्यक्रम-वार एवं लिंग-वार वितरण

बी.टेक.: 583 पुरुष | 149 महिला

एम.टेक.: 84 पुरुष | 22 महिला

एम.एससी.: 64 पुरुष | 25 महिला

एमसीए: 98 पुरुष | 10 महिला

पीएच.डी.: 58 पुरुष | 19 महिला

15वाँ दीक्षांत समारोह एनआईटी जमशेदपुर द्वारा नैतिक नेतृत्व, नवोन्मेषी सोच और सामाजिक रूप से उत्तरदायी तकनीकी विशेषज्ञों के निर्माण की प्रतिबद्धता के पुनः संकल्प के साथ सम्पन्न हुआ, जो राष्ट्र और विश्व के लिए समर्पित हों।

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