टाटा-रांची हाईवे पर मौजूद तमाड़ क्षेत्र कभी नक्सल प्रभावित इलाके का प्रतीक था. आज यह कौशल विकास का एक मील का पत्थर बन चुका है. टाटा स्टील फाउंडेशन और झारखंड सरकार की पीपीपी मॉडल पर संचालित आईटीआई तमाड़ सुदूर ग्रामीण और आदिवासी युवाओं के भविष्य को संवार रही है.
तमाड़ क्षेत्र कभी नक्सलवाद की गतिविधियों से प्रभावित था. हाईवे किनारे बने भवन में सीआरपीएफ का कैंप था. समय के साथ नक्सलवाद की समस्या कम हुई और 2012 में टाटा स्टील फाउंडेशन ने झारखंड सरकार के साथ मिलकर इस भवन को नवीनीकृत कर आईटीआई में बदल दिया. आज यह संस्थान नक्सल के पुराने गढ़ को विकास की मिसाल बना रहा है.






