झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का हाल देखिए। राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर सदर अस्पतालों तक, ना कहीं कोई डॉक्टर है, ना स्ट्रेचर, ना बेड, ना जांच, ना सर्जरी अथवा अन्य सुविधाएं। लेकिन भाषण में इतनी बड़ी बातें होती हैं कि…
अपने प्राणों की रक्षा के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों को यहां संक्रमित रक्त चढ़ाया जाता है, हर दूसरे दिन एम्बुलेंस की जगह खटिया पर जा रहे मरीजों की तस्वीरें शर्मसार करती हैं, लेकिन इस बेशर्म सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।




