*मुख्य सचिव अविनाश कुमार बोले — सरकार का लक्ष्य झारखंड को सक्षम और समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करना है
झारखंड की पहचान अब सिर्फ उसकी संस्कृति तक सीमित नहीं, बल्कि विकास के हर आयाम में झलकने लगी है। दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित झारखंड दिवस के अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य झारखंड को एक सक्षम, समृद्ध और भविष्य-उन्मुख राज्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और दीप प्रज्वलित कर झारखंड दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने झारखंड पवेलियन में लगे सभी 32 स्टॉलों का अवलोकन किया, जहां कारीगरों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। मुख्य सचिव ने राज्य के कारीगरों और महिलाओं की भागीदारी को झारखंड की आत्मा बताया।
मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने कहा — “हमारी सरकार हर क्षेत्र में झारखंड को अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्कृति, परंपरा और विकास — इन तीनों को समान प्राथमिकता देते हुए हम शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, तकनीक और हवाई कनेक्टिविटी में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित कर रहे हैं।”
इस वर्ष झारखंड पवेलियन में विविधता और रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिला। पैतकर और सोहराय पेंटिंग, झारक्राफ्ट, पलाश मार्ट, झारखंड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, छोटानागपुर क्राफ्ट, माटी कला बोर्ड, अर्मान कार्पेट और कई अन्य स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। स्थानीय कारीगर जैसे मकबूल जादोपटिया, गीता वर्मा, अनीता मंडल, अनूपा कुजूर, बेबी कुमारी और अन्य कलाकारों ने अपनी हस्तनिर्मित कलाओं से आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।
सांस्कृतिक संध्या में झारखंड के लोक कलाकारों ने परंपरागत नृत्य और संगीत से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। तपन नायक का छऊ नृत्य, किशोर नायक का नागपुरी नृत्य, सुखराम पाहन का मुंडारी नृत्य, श्री कृष्ण भगत का उरांव नृत्य और अशोक कच्छप का पाइका नृत्य झारखंड की सांस्कृतिक विविधता की जीवंत झलक बने।
झारखंड दिवस समारोह ने IITF 2025 में न केवल राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को बल्कि विकास की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को भी उजागर किया। झारखंड आज नवाचार, परंपरा और प्रगति का संगम बनकर पूरे देश में एक नई पहचान बना रहा है।




