इस बैठक में प्रमुख रूप से अखिल भारतीय कोली समाज समाज नयी दिल्ली के 12वां राष्ट्रीय महाधिवेशन जो दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में दिनांक 21 जून को हुई थी, जो एक तरह से भारत के संपूर्ण राज्यों में स्थित बुनकर समाज का कुंभ मेला, महासंगम था ।
अखिल भारतीय कोली समाज के राष्ट्रीय अधिवेशन में 24 राज्यों की बुनकर संस्कृति का बृहद संगम का परिदृश्य देखने को मिला ।
इस महाधिवेशन में विशेष रूप से पूर्व राष्ट्रपति महामहीम रामनाथ कोविंद जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री माननीया रेखा गुप्ता जी और हमारे अखिल भारतीय कोली समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री वीरेंद्र कश्यप जी के साथ झारखंड बिहार और उड़ीसा के प्रभारी प्रोफेसर संतोष दास पान के तथा अलग-अलग राज्यों से आए उनके सांस्कृतिक कार्यक्रम का वीडियो संचालित कर , स्वयंसेवियों को दिखाया गया और बृहद चर्चा की गई ।
इस बैठक में अखिल भारतीय कोली समाज के राष्ट्रीय कमेटी के अंतर्गत झारखंड में कमेटी का विस्तार किया गया कुछ जिलों के लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग में जुड़े थे।
संगठन का विस्तार इस प्रकार है
संरक्षक के रूप में – मानिक चांद पातर (जिला -सरायकेला खरसावां)
अध्यक्ष के रूप में -दिलीप प्रसाद त्यागी, (जिला -सरायकेला खरसावां)
कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में-राम भगत तांती,(जिला -धनबाद)
उपाध्यक्ष-राजेंद्र प्रसाद पार्टी (जिला बोकारो)
उपाध्यक्ष -दिनेश कुमार तांती (जिला -रांची)
महासचिव – राम प्रकाश दास (जिला -चक्रधरपुर)
सचिव- प्रभात तांती (जिला -पूर्वी सिंहभूम)
सचिव- राजेश प्रसाद (जिला -सरायकेला खरसावां)
सचिव- अशोक तांती (जिला+ रामगढ़ गिरिडीह)
सह सचिव -चित्रा मोहन तंतुवाई( जिला- सरायकेला खरसावां)
कोषाध्यक्ष – राम प्रसाद (जिला- सरायकेला खरसावां)
सह कोषाध्यक्ष -अभय शंकर पातर (जिला- सरायकेला खरसावां)
संगठन मंत्री – अमित भज (जिला पूर्वी सिंहभूम)
महिला प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती चंद्रप्रभा कुमारी तंतुवाई (जिला चाईबासा)
अभी कमेटी की विस्तार और होनी है।
उपरोक्त संगठन के विस्तार को झारखंड के प्रभारी बिहार के अध्यक्ष एवं जदयू के प्रदेश महासचिव प्रोफेसर संतोष दास पान , को राष्ट्रीय स्वीकृति के लिए प्रेषित कर दिया गया है।
निम्नांकित एजेंडा पर सर्व समिति से बैठक में से पारित किया गया ।
1) 500 सदस्य बनाने का संकल्प लिया है
2) बुनकर कुटीर उद्योग की स्थापना कर समाज के महिला और पुरुषों को रोजगार उपलब्ध कराना।
3) रेडीमेड टेक्सटाइल उद्योग की स्थापना कर महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना।
4) अखिल भारतीय कोली, पान, स्वांसी समाज का भवन बनाने पर कार्य किया जाना, जिसमें 500 स्वजातीय बंधु आसानी से सामाजिक ,सांस्कृतिक और राजनीतिक कार्यक्रम कर सके।
5) पांचवें प्रस्ताव पर प्रदेश संयोजक दिलीप प्रसाद त्यागी ने कहा कि जैसा की हमलोग जानते हैं कि झारखण्ड प्रदेश में हमारी जाति पान, स्वाँसी की अच्छी आवादी हैं। पर हमारी जाति की उपाधि नाम ताँती, ततवाँ को जाति बनाकर हमें बाटकर शक्ति को कमजोर किया गया और मूल जाति पान के अधिकार से बंचित किया गया हैं। झारखण्ड सरकार एवं केन्द्र सरकार के शोधसंस्थान एवं समिति ने हमेशा अनुसूचित जाति पान की उपाधि नाम मात्र ताँती, ततवाँ को माना हैं। फिर भी अशिक्षा, असंगठित और गैर राजनितिक जाति होने के मूल जाति पान के अधिकार से बंचित हो रहें हैं। जिसके परिणाम स्वरुप हमारे समाज के बच्चे दर दर भटक रहें हैं।
इसलिए हमलोगो ने संगठन को मजबूती प्रदान कर समाजहित में मूल जाति पान, स्वाँसी का अधिकार हमारी जाति की उपाधि को भी प्रदान हो प्रयास किया जाना हैं। इसी उद्देश्य से आगामी बैठक की गयी हैं, जिसमें राष्ट्रीय संगठन के अंतर्गत प्रदेश संगठन का विस्तार किया गया
6)दिसंबर माह में अखिल भारतीय कोली समाज नई दिल्ली के राष्ट्रीय पदाधिकारी की उपस्थिति में झारखंड प्रदेश का सम्मेलन आयोजित किया जाना इत्यादि।
निवेदक :-
दिलीप प्रसाद त्यागी
प्रदेश संयोजक
*अखिल भारतीय कोली, पान, स्वाँसी समाज, झारखण्ड।*






