जुगसलाई में होल्डिंग टैक्स बढ़ोतरी के विरोध में पार्षदों ने उठाई आवाज
जमशेदपुर: जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र में होल्डिंग टैक्स में की गई 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी के खिलाफ क्षेत्र के सभी पार्षदों ने एकजुट होकर कड़ा विरोध जताया है। इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार को संबोधित एक ज्ञापन जिला उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम के माध्यम से सौंपा गया है।
पार्षदों ने अपने ज्ञापन में कहा है कि नए सर्किल रेट एवं सड़क चौड़ाई आधारित फॉर्मूले के तहत की गई यह वृद्धि आम जनता, विशेषकर मध्यमवर्गीय परिवारों एवं छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली है। जुगसलाई क्षेत्र में अभी भी सड़क, नाली, जल निकासी, सफाई एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं संतोषजनक स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में बिना आवश्यक सुविधाओं के विकास के टैक्स बढ़ाना पूरी तरह जनविरोधी निर्णय है।
पार्षदों ने यह भी बताया कि एक ही प्रकार के मकानों पर केवल लोकेशन एवं सड़क चौड़ाई के आधार पर अलग-अलग टैक्स निर्धारित करना न्यायसंगत नहीं है, जिससे क्षेत्र में असमानता और असंतोष बढ़ रहा है।
इसके अलावा, हाल ही में नगर निकाय चुनाव संपन्न होने के बावजूद निर्वाचित प्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना इस प्रकार का निर्णय लेना लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत बताया गया है।
पार्षदों ने सरकार से मांग की है कि होल्डिंग टैक्स में की गई बढ़ोतरी पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए, जब तक मूलभूत सुविधाओं में सुधार नहीं होता तब तक वृद्धि को स्थगित रखा जाए, तथा आम नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेकर ही नई कर प्रणाली लागू की जाए।
सभी पार्षदों ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस मुद्दे पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।
जुगसलाई नगर परिषद उपाध्यक्ष श्रीमती अर्चना दुबे के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में मुख्य रूप से पार्षद अनिल मोदी, पार्षद सत्यनारायण अग्रवाल मुन्ना,पार्षद जीशान हुसैन,पार्षद शिल्पा तापड़िया, पार्षद सुरेंद्र कौर के अलावे समाजसेवी बड़ेलाल दुबे,रविशंकर तिवारी, ओम प्रकाश पाठक एवं अन्य उपस्थित थे।
इस संदर्भ में पार्षद अनिल मोदी ने बताया कि यदि सरकार होल्डिंग टैक्स में बढ़ोतरी को वापस नहीं लेती है तो सभी पार्षदों एवं आम जनता से विचार विमर्श कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।





