रांची : स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने घोषणा की है कि वर्ष 2026 से राज्य के विद्यालयों में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जीवनी पढ़ाई जाएगी.इस निर्णय के तहत पहली से बारहवीं तक की कक्षाओं की कुल आठ किताबों में दिशोम गुरु के जीवन पर अध्याय जोड़े जाएंगे स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने घोषणा की कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को उनका परिचय सरल शब्दों और कहानियों के रूप में मिलेगा, जबकि उच्च कक्षाओं में सामाजिक-राजनीतिक संघर्ष, आदिवासी अस्मिता और संसदीय योगदान जैसे पहलुओं को विस्तार से पढ़ाया जाएगा.
शिक्षा विभाग का कहना है कि बच्चों को राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के साथ-साथ अपने राज्य के जननायकों से भी परिचित कराना जरूरी है. इससे छात्र-छात्राओं को इतिहास और समाज की जड़ों की गहरी समझ मिलेगी. अधिकारियों के मुताबिक, किताबों के अलावा प्रोजेक्ट वर्क और गतिविधियों के जरिए भी विद्यार्थियों को इस विषय से जोड़ा जाएगा.राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) और झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) ने सामग्री तैयार करने का काम शुरू कर दिया है.






