सूर्य मंदिर समिति, सिदगोड़ा के तत्वावधान में सम्पन्न प्रेस वार्ता के प्रमुख बिन्दुः बारह ज्योतिर्लिंग के दर्शनः पवित्र सावन माह के 22 जुलाई से 19 अगस्त तक। 5 अगस्त को पवित्र श्रावण मास के तृतीय सोमवारी को सामूहिक जलाभिषेक यात्रा। स्थानः बारीडीह श्री हरि मैदान से सूर्यधाम शिवालय।
जमशेदपुर। भगवान भोलेनाथ का सबसे प्रिय महीना सावन का आगमन होने वाला है। 22 जुलाई को सोमवार से पवित्र सावन की शुरुआत होगी। इस बार सावन 29 दिनों का है। एक ओर जहां श्रावण मास में लौहनगरी जमशेदपुर के सभी शिवालयों में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा बहुत श्रद्धा से की जाती है। तो वहीं, तृतीय सोमवारी पर सिदगोड़ा स्थित सूर्यधाम के शिवालय में हजारों शिवभक्त पूरे भक्तिभाव के साथ सामूहिक रूप से जलाभिषेक करते हैं। इस बार सूर्य मंदिर समिति ने भी पवित्र श्रावण मास को विशेष बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में सूर्य मंदिर समिति की एक प्रेस वार्ता सोमवार को सम्पन्न हुई। प्रेस वार्ता में सूर्य मंदिर समिति के संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह, अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, महासचिव अखिलेश चौधरी समेत अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
* सूर्य मंदिर समिति के द्वारा प्रत्येक वर्ष पवित्र श्रावण मास के तृतीय सोमवार को सूर्य मंदिर के शिवालय में जलाभिषेक का आयोजन भव्य रूप से किया जाता है। जिसमें जमशेदपुर शहर अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों के हजारों शिवभक्त बाबा भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं।
* इस बार मंदिर समिति ने श्रावण मास के पूरे 29 दिन शिवभक्तों को बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराने की तैयारी की है। भगवान शिव की आराधना करने वाले वैसे सभी श्रद्धालु जो 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने की कामना रखते हैं। लेकिन किसी कारणवश वे नहीं पहुंच पाते हैं. वैसे सभी भक्तों के लिए सूर्य मंदिर परिसर में स्थित आध्यात्मिक स्थल शंख मैदान में बारह ज्योतिर्लिंगों के स्वरूप के दर्शन कराने की तैयारी की गई है। इसको लेकर समिति जोर शोर से तैयारियां कर रही है।
* 12 ज्योतिर्लिंगों में भगवान शिव के श्री सोमनाथ, नागेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर, ओंकारेश्वर, महाकालेश्वर, घृष्णेश्वर, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ, बैद्यनाथ, रामेश्वरम और मल्लिकार्जुन के प्रारूप को दर्शाया जाएगा।
जलाभिषेक यात्रा : तृतीय सोमवार, 5 अगस्त ।
* जलाभिषेक यात्रा के लिए सोमवार 5 अगस्त को प्रातः 6 बजे से श्रद्धालु बारीडीह हरि मंदिर मैदान में एकत्रित होंगे जहां स्वर्णरेखा नदी में पंडितों के समूह द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जलाभिषेक का संकल्प कराया जाएगा। इसके पश्चात, हजारों की संख्या में शामिल श्रद्धालु कतारबद्ध होकर सूर्य मंदिर शिवालय के लिए प्रस्थान करेंगे। जलाभिषेक यात्रा में भक्तिमय संगीत, विशालकाय शिवलिंग, आकर्षक झांकी, घोड़ा, केसरिया ध्वज आकर्षक का केंद्र रहेंगे।
* अरघा से रहेगी जलार्पण की व्यवस्थाः श्रद्धालुओं की भीड़ और व्रतधारी श्रद्धालुओं के सहूलियत हेतु बाबा बैधनाथ धाम
की तर्ज पर सिद्धेश्वर धाम सूर्य मंदिर के शिवालय में अरघा के माध्यम से जलार्पण की जाएगी। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं के द्वारा शिवालय में जलार्पण करते विडीयो का लाइव प्रसारण दो बड़े एलईडी स्क्रीन पर किया जाएगा।
* शंख मैदान में महाप्रसाद की व्यवस्थाः जलार्पण के पश्चात आध्यात्मिक स्थल शंख मैदान में महाप्रसाद वितरण किया जाएगा। यहां प्रसाद वितरण के अलग अलग काउंटर एवं पानी के अलग काउंटर लगाए जाएंगे।
* सूर्य मंदिर समिति ने जलाभिषेक यात्रा की सफलता के लिए अलग-अलग लोगों को जिम्मेदारी दी है।






