साकची थाना क्षेत्र के बाराद्वारी सब्जी बाजार के समीप आपसी रंजिश को लेकर दो गुट के बीच जमकर मारपीट हुई

बीती देर रात साकची थाना क्षेत्र के बाराद्वारी सब्जी बाजार के समीप आपसी रंजिश को लेकर दो गुट के बीच जमकर मारपीट हुई. मारपीट के दौरान दोनों तरफ से फायरिंग की गई. फायरिंग में इंटक के प्रदेश अध्यक्ष राकेशेश्वर पांडेय के अंगरक्षक मुकेश तिवारी को गोली लगी है, जिनका इलाज टीएमएच में चल रहा है. वहीं मुकेश तिवारी की स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है. मारपीट की सूचना पर घटनास्थल पहुंची पुलिस ने व्यापारी मनोज जायसवाल सहित कई लोगों को हिरासत में लिया है.मनोज जायसवाल के लाइसेंसी पिस्टल को पुलिस जप्त कर मामले की जांच कर रही है. वही इस मारपीट में मनोज जायसवाल भी गंभीर रूप से घायल हो गया है. जिसे इलाज के लिए पुलिस ने टीएमएच में भर्ती कराया है. वहीं घटना की जानकारी मिलने पर आरक्षी अधीक्षक नगर मुकेश लूनायत टीएमएच पहुंचकर पूछताछ की.
जमशेदपुर

बाराद्वारी स्थित जमशेदपुर कोर्ट परिसर में गुरुवार को अधिवक्ताओं ने हंगामा कर दिया. गुरुवार को अधिवक्ता कोर्ट पहुंचे तो उन्होंने देखा की बार बिल्डिंग के सामने पार्क में ई कोर्ट का कंटेनर रख दिया गया है. यहां ई कोर्ट का सर्वर रूम इस कंटेनर में बनाया गया है. कंटेनर को देखते ही अधिवक्ताओं का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया. अधिवक्ता एकत्र हुए और नारेबाजी शुरु कर दी. हंगामा शुरु हो गया. अधिवक्ताओं ने ऐलान किया है कि वह पार्क में ई कोर्ट रूम बनाने का विरोध कर रहे हैं. अधिवक्ताओं ने इसके विरोध में गुरुवार को हड़ताल का ऐलान किया है. अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत हो गए हैं. मांग नहीं माने जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.
अधिवक्ताओं की मांग है कि पार्क से ई कोर्ट का कंटेनर हटाया जाए और पार्क को पहले की तरह बनाया जाए.
पखवाड़े भर पहले तोड़ दिया गया था विधायक निधि से बना पार्क

वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने बताया कि पखवाड़ा भर पहले इस पार्क को तोड़ दिया गया था. तब भी अधिवक्ताओं ने विरोध जताया था. अधिवक्ता जिला जज से मिले थे. जिला जज ने आश्वासन दिया था कि पार्क को ठीक कर दिया जाएगा. पार्क के जिस एरिया को तोड़ा गया है उसको जीर्णोद्धार कराया जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ और यहां कंटेनर रख दिया गया है. उन्होंने बताया कि यह पार्क जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय की निधि से बनाया गया है. पार्क के निर्माण पर लगभग 15 लाख रुपए खर्च हुए थे. कोर्ट परिसर में कहीं पर भी आम लोगों के बैठने की जगह नहीं है. तारीख पर आए लोग इस पार्क में बैठकर आराम करते हैं. इसीलिए, अधिवक्ता यहां ई कोर्ट बनाने का विरोध कर रहे हैं.कोर्ट में एक लिफ्ट है खराब, जन सुविधा का अभाव अधिवक्ताओं का कहना है कि कोर्ट में आम जनता के लिए कोई सुविधा नहीं है. यहां दो लिफ्ट लगी हैं. दोनों खराब थीं. अधिवक्ताओं ने विरोध किया. अपनी बात रखी. तब जाकर एक लिफ्ट बनाई गई. एक लिफ्ट अभी भी खराब है. कोर्ट के किसी भी फ्लोर में बाथरूम नहीं है. आम लोगों के पेयजल की सुविधा नहीं है.
अधिवक्ताओं की मांग है कि पार्क से ई कोर्ट का कंटेनर हटाया जाए और पार्क को पहले की तरह बना दिया जाए.

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