आज बीमा कर्मचारी संघ जमशेदपुर मण्डल के 50वें अधिवेशन का खुला सत्र माईकल जॉन ऑडिटोरियम, बिष्टुपुर जमशेदपुर में हुआ। इस सम्मेलन का शुभारम्भ एक भव्य रैली के साथ हुआ, जो ऑडिटोरियम से निकलकर बिष्टुपुर मेन रोड होते हुये पुनः ऑडिटोरियम में समाप्त हुआ। इसके पश्चात आईईएजेडी की अध्यक्षा कॉ. श्रीमती पुरबी घोष ने आईईएजेडी का झण्डा फहराया। तत्पश्चात शहीद बेदी पर माल्यार्पण किया गया एवं आईईएजेडी के पचास वर्षों के इतिहास को समेटे हुये एक फोटो गैलरी का उदघाटन किया गया। इसके बाद खुले सत्र का आगाज हुआ । इस सत्र में बीमा कर्मियों के अलावा विभिन्न बिरादराना संगठनों यथा सीआईटीयू बैंक J रेलवे आदि के प्रतिनिधियों एवं सदस्यों ने भी भाग लिया । आईईएजेडी के महासचिव को अमित माईति ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। आज के इस खुले सत्र के उद्घाटनकर्ता और मुख्य अतिथि कॉ. श्रीकांत मिश्रा ने अपने सम्बोधन में एलआईसी और बीमा कर्मचारी संगठन एआईआईईए की उपलब्धियों का जिक्र करते हुये कहा कि एलआईसी ने 5 करोड़ रुपए से अपनी शुरुआत की और आज यह 46 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति का प्रबंधन करती है। जब कभी भी भारत की अर्थव्यवस्था डगमगाती है या किसी संस्थान पर कोई संकट आता है तो एलआईसी ही आगे बढ़कर उसकी मदद करती है। उन्होने कहा कि एलआईसी की इन बेमिसाल उपलब्धियों के बाबजूद भी सरकार इसको कमजोर करने की कोशिश कर रही है। एआईआईईए का जिक्र करते हुये उन्होने कहा कि वह एआईआईईए ही था जिसने 80 के दशक में एलआईसी को 5 भागों में विभक्त करने की सरकार की कोशिशों को नाकाम किया। उन्होने कहा कि एआईआईईए सिर्फ बीमा कर्मचारियों के लिए नहीं लड़ती है, बल्कि
वह समाज के सभी वर्गों के लिए आवाज उठाती है। इस अवसर पर एआईआईईए के महान नेता और पूर्व महासचिव कॉ. सरोज चौधरी की मूर्ति का अनावरण भी किया गया। सभा को ईसीजेडआईईए के अध्यक्ष को प्रदीप मुखर्जी एवं ईसीजेडआईईए के महामंत्री कॉ. त्रिनाथ डोरा समेत विभिन्न ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। सभी ने वर्तमान समय में एकजुट होकर चुनौतियों से लड़ने की आवश्यकता पर बल दिया । सम्मेलन का प्रतिनिधि सत्र कल 1 अक्तूबर और 2 अक्तूबर को चलेगा ।






