एमजीएम में डॉक्‍टर संग मारपीट करने वाले दो आरोपित गिरफ्तार, क्‍या अब डॉक्‍टर हड़ताल ले लेंगे वापस?

आज से झारखंड के हड़ताल पर हैं। उनका आंदोलन जमशेपुर एमजीएम में पीजी छात्र डा. कमलेश उरांव के साथ हुई मारपीट करने के खिलाफ है। पुलिस ने इसके दो आरोपितों को गुरुवार गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि होने तक हड़ताल जारी रहेगा। सभी सरकारी एवं गैर सरकारी चिकित्सक आकस्मिक सेवा को छोड़कर कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। इससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

जमशेदपुर। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल काॅलेज अस्पताल में बीते सोमवार की रात पीजी छात्र डा. कमलेश उरांव के साथ हुई मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने गुरुवार को दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में संतोष कर्मकार व रवि सरदार शामिल हैं।
आज से हड़ताल पर पूरे राज्‍य के डॉक्‍टर
दोनों आरोपितों की पहचान वायरल वीडियो के आधार पर की गई है। वीडियो में दोनों युवक डाॅक्टर के साथ मारपीट करते दिख रहे हैं। हालांकि, चिकित्सकों का हड़ताल जारी है और शुक्रवार से पूरे राज्य में हड़ताल करने की घोषणा की गई है।
इससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। चिकित्सकों की मांग थी कि जब तक आरोपित गिरफ्तार नहीं हो जाता, तब तक उनका हड़ताल जारी रहेगा।
इमरजेंसी सेवा रहेगी बहाल
आइएमए के सचिव डाॅ सौरभ चौधरी का कहना है कि गिरफ्तारी की बात सामने आ रही है, लेकिन जब तक अधिकारिक पुष्टि नहीं हो जाती तब तक उनका हड़ताल जारी रहेगा।

गुरुवार की गतिविधियों के अवलोकन के पश्चात इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) एवं झासा ने संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया है कि प्रस्तावित कार्य बहिष्कार यथावत रहेगा। सभी सरकारी एवं गैर सरकारी चिकित्सक आकस्मिक सेवा को छोड़कर कार्य बहिष्कार पर रहेंगे।

यह थी पूरी घटना
मालूम हो की बीते सोमवार को पांच वर्षीय एक बच्ची अन्नू प्रधान की मौत होने के बाद उसके स्वजनों ने ड्यूटी पर तैनात डाॅ. कमलेश उरांव की पिटाई कर दी थी।

मारपीट की घटना में चिकित्सक के सिर व हाथ में चोट आई थी। इसके विरोध में चिकित्सक हड़ताल पर हैं। मृत बच्ची के स्वजनों का आरोप है कि बच्ची का सही ढंग से इलाज नहीं होने की वजह से उसकी मौत हुई है। वहीं, चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची के इलाज में कहीं लापरवाही नहीं हुई है।

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