रिम्स में डेंगू का घर:बेसमेंट में 10 सालों से जमा है गंदा पानी व कचरा

रांची में राेज डेंगू और चिकनगुनिया के नए केस मिलना जारी है। पीड़ित लोग रिम्स में इलाज के लिए भर्ती हो रहे हैं। लेकिन डरावना पहलू यह है कि रिम्स के बेसमेंट में ही डेंगू का घर है। 10 साल से भी अधिक समय से बेसमेंट में गंदा पानी जमा हुआ है। इसे डस्टबीन की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। पूरी गैलरी में कूड़ा-कचरा भरा हुआ है।

मच्छरों का प्रकोप है। बेसमेंट के ठीक ऊपर में आइसोलेशन वार्ड, ऑर्थोपेडिक समेत अन्य वार्ड हैं। आइसोलेशन वार्ड में अभी डेंगू मरीजों का इलाज किया जा रहा है। वार्ड में इलाजरत मरीज और उनके परिजनों ने पूछने पर बताया कि गंदगी की वजह से वार्ड में तेज बदबू आती है और काफी संख्या में मच्छर आते हैं। आश्चर्य ​है कि बेसमेंट में 10 साल से जमा गंदे की ओर प्रबंधन का कभी ध्यान ही नहीं गया।

जानिए…. बेसमेंट की हालत

अंदर में गंदा पानी जमा है, जिसका रंग काला हाे गया है। दूर से ही दुर्गंध आती है।
प्लास्टिक, सेनेटरी पैड, मेडिकल वेस्ट समेत कई तरह का कचरा भरा हुआ है।
ड्रेनेज व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण मल-मूत्र भी यहीं जमा होते हैं।
रिम्स का आइसोलेशन वार्ड है। यहां मच्छर इतने हैं कि डेंगू के भय से मरीज के साथ परिजन भी मच्छरदानी के अंदर ही सोते हैं।
जिम्मेदार बोले- जल्द होगी बेसमेंट की सफाई

बेसमेंट की ऐसी स्थिति पिछले कई सालों से बनी हुई है। बेसमेंट में जमे गंदा पानी और कचरा जल्द ही साफ किया जाएगा। पूरी बिल्डिंग को रेनोवेट करना है। इसके बाद कोई समस्या नहीं रहेगी। – डॉ. राजीव कुमार गुप्ता, रिम्स निदेशक

डेंगू के 39 नए मरीज, चिकनगुनिया के भी 5 मिले

राज्य भर में मंगलवार को डेंगू के कुल 39 नए मरीज मिले। जिसमें साहिबगंज से 16, पूर्वी सिंहभूम से 8, खूंटी से 4, पाकुड़ से 4, रांची से 4 और धनबाद से 3 डेंगू पीड़ित मिले। वहीं राज्य में चिकनगुनिया के 5 नए मरीज भी मिले। पांचों के रांची से होने की पुष्टि हुई है।

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