देश में साइबर क्राइम का खतरा बढ़ती तकनीक के साथ बढ़ रहा है। झारखंड के जामताड़ा ने साइबर क्राइम में एक अलग पहचान देशभर में बनाई थी लेकिन अब अब राजस्थान का भरतपुर और यूपी का मथुरा नए साइबर क्राइम हब के रूप में उभर रहे हैं। जामताड़ा में भले साइबर क्राइम कम हो रहा लेकिन राज्य टॉप टेन में राज्य के पांच ऐसी जगह हैं, जो साइबर क्राइम के हब है। देशभर में दस ऐसे जिले जहां साइबर क्राइम के सबसे ज्यादा मामले हों उनमें चार जिले झारखंड के हैं। टॉप टेन में जामताड़ा, देवघर, गिरिडीह और बोकारो शामिल हैं।
झारखंड में बढ़ता साइबर अपराध
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के एक स्टार्टअप ने अपने शोध में यह जानकारी सामने आयी है। फ्यूचर क्राइम रिसर्च फाउंडेशन (एफसीआरएफ) ने अपने शोध में बताया है कि देश के 10 जिले ऐसे हैं जहां से 80 प्रतिशत साइबर अपराधों को अंजाम दिया जाता है। इनमें सबसे ज्यादा क्राइम राजस्थान के भरतपुर से 18 फीसदी मथुरा से 12 फीसदी साइबर अपराध हो रहे हैं हरियाणा के नूंह से 11 फीसदी जबकि झारखंड के देवघर से 10 प्रतिशत साइबर अपराध हैं। इस रिपोर्ट में हैरान करने वाली बात यह है कि झारखंड के चार जिले इस लिस्ट में शामिल हैं। इनमें बोकारो से 2.4 प्रतिशत, जामताड़ा में 9.6 प्रतिशत ,देवघर में 10 प्रतिशत और गिरिडीह से 2.3 प्रतिशत साइबर अपराध के मामले हैं। इस लिस्ट में नीचे करमाटाड़ को भी शामिल किया गया है जहां देशभर में साइबर क्राइम के अफराध के से 2.4 प्रतिशत मामले सामने आये हैं। एफसीआरएफ के सह संस्थापक हर्षवर्धन सिंह ने बताया हमारा विश्लेषण भारत के 10 जिलों पर केंद्रित था।
आंकड़ों में समझें हालात
झारखंड में अपराध के आंकड़ों पर नजर डालें तो झारखंड में पिछले साढ़े चार साल ( साल 2019 से लेकर जुलाई 2023 तक ) में साइबर अपराध के 5350 मामले सामने आए है। 1432 मामले सिर्फ रांची जिले में दर्ज हुए है. इसके अलावा धनबाद में 496, देवघर में 405, जमशेदपुर में 384 और हजारीबाग में 348 मामले दर्ज हैं। साइबर अपराध में कई ऐसे मामले सामने आते रहे हैं जो कभी दर्ज नहीं हुए। राज्य में बढ़ते साइबर मामलों को देखते हुए झारखंड के आठ जिलों में साइबर क्राइम थाना का गठन होना है। इनमें बोकारो, रामगढ़, चाईबासा, रांची, लातेहार, हजारीबाग, दुमका और सरायकेला शामिल हैं। साइबर अपराध के बढ़ते मामले को देखते हुए झारखंड पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग को अन्य जिलों में भी साइबर थाने को लेकर प्रस्ताव भेजा था। मुख्य सचिव सुखदेव सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद सहमति मिल गयी है। इस फैसले से संभव है कि अब झारखंड में बढ़ते साइबर अपराध पर नियंत्रण रखा जा सके।
राज्य की कौन- कौन सी जगहों में बढ़ा साइबर अपराध का खतरा
ताजा रिपोर्ट में जिन जगहों पर साइबर क्राइम हब के रूप में पहचाना गया है उनमें लातेहार, धनबाद, संताल परगना, हजारीबाग, खूंटी, नारायणपुर और रांची शामिल है। जिनमें सबसे ज्यादा क्राइम के प्रकार है उनमें ओटोपी स्कैम सबसे ज्यादा है। इसके बाद केवाईसी को लेकर अपराध के मामले हैं। इलेक्ट्रिक बिल के लेकर हुए फ्राड और ऑनलाइन गेम शो केबीसी को लेकर हुए फ्राड सबसे ज्यादा हैं।
इस शोध में बढ़ते साइबर अपराध की वजहों का भी विश्लेषण किया गया है इनमें स्थानीय आबादी के बीच सीमित डिजिटल साक्षरता और जागरूकता की कमी को बड़ी वजह बताया गया है। राज्य के ज्यादातर हिस्सों में तकनीक के विषय में कम जानकारी, कैसे साइबर अपराध से खुद को सुरक्षित रखें इस जानकारी का अभाव है। साइबर अपराधी बढ़ती जागरूकता के साथ नये तरीके तलाश रहे हैं।






