सोना देवी विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने इंडस्ट्री–एकेडेमिया कॉन्क्लेव 2026 में लिया भाग

सोना देवी विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने इंडस्ट्री–एकेडेमिया कॉन्क्लेव 2026 में लिया भाग

सोना देवी विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), जमशेदपुर के रिसर्च एंड कंसल्टेंसी डिवीजन द्वारा आयोजित इंडस्ट्री–एकेडेमिया कॉन्क्लेव 2026 में 29 अक्टूबर 2026 को सहभागिता की। इस अवसर पर उद्योग जगत और शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय को मजबूत करने, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने तथा उच्च शिक्षा को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) तथा स्टार्टअप्स के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से उन्नत तकनीक, अनुसंधान, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाओं को तलाशने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के विकास, साझा अनुसंधान सुविधाओं के विस्तार, औद्योगिक समस्याओं के समाधान के लिए तकनीकी सहयोग तथा युवाओं में उद्यमिता की भावना विकसित करने जैसे विषयों को महत्वपूर्ण माना गया। साथ ही, स्टार्टअप्स को उचित मार्गदर्शन, संस्थागत सहयोग और वित्तीय संसाधनों तक पहुंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

डॉ. नीत नयना की इस सहभागिता को सोना देवी विश्वविद्यालय और उद्योग जगत के बीच सहयोग की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे अनुसंधान आधारित शिक्षा को प्रोत्साहन देने, विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने तथा उनके लिए रोजगारोन्मुखी अवसरों के विस्तार की दिशा में नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।

इस प्रकार के शैक्षणिक एवं औद्योगिक आयोजनों में सहभागिता से विश्वविद्यालयों को उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं को समझने और शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में प्रभावी साझेदारी विकसित करने का अवसर मिलता है।

सोना देवी विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्योग जगत के साथ सार्थक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और बेहतर अवसरों से सुसज्जित कर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देना है।

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