अग्रसेन जयंती के अवसर पर एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराजा अग्रसेन को नमन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमशेदपुर में महाराजा अग्रसेन की पट्टिका पर पोती गई पेंट ; भाजपा नेता अभय सिंह के कृत्य से अग्रवाल /मारवाड़ी समाज आहत_

अग्रसेन जयंती के अवसर पर एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराजा अग्रसेन को नमन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमशेदपुर में महाराजा अग्रसेन की पट्टिका पर पोती गई पेंट ; भाजपा नेता अभय सिंह के कृत्य से अग्रवाल /मारवाड़ी समाज आहत_

पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने जताया कड़ा विरोध, पूछा—अभय सिंह जी, क्या आपकी नजर में महाराजा अग्रसेन का यही सम्मान रह गया है?

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने साकची-काशीडीह स्थित रामलीला मैदान के सामने स्थापित महाराजा अग्रसेन मार्ग के नामकरण पट्टिका पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह एवं उनके समर्थकों द्वारा पेंट पोते जाने की घटना पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। सम्मेलन ने इसे अग्रवाल/ मारवाड़ी समाज की भावनाओं को आहत करने वाला दुर्भाग्यपूर्ण कृत्य बताया।

सम्मेलन ने कहा कि एक ओर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी महाराजा अग्रसेन जयंती पर उन्हें नमन कर उनके जनसेवा, सामाजिक सद्भाव और मानवता के आदर्शों को स्मरण करते हैं, वहीं दूसरी ओर जमशेदपुर में महाराजा अग्रसेन के नाम से स्थापित सड़क की पट्टिका पर पेंट पोती जाती है।

अभय सिंह जी से सम्मेलन का सीधा सवाल है—जब आपके ही दल के सर्वोच्च नेता महाराजा अग्रसेन को नमन कर रहे हैं, तो उनकी जयंती के दिन ही उनके नाम की पट्टिका पर पेंट पोतने का औचित्य क्या है? क्या आपकी नजर में महाराजा अग्रसेन का यही सम्मान रह गया है?

सम्मेलन ने बताया कि 15 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के अवसर पर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ उक्त सड़क का नामकरण महाराजा अग्रसेन मार्ग किया गया था। पहले इस सड़क की कोई विशिष्ट पहचान नहीं थी। सम्मेलन ने पहल कर इसे महाराजा अग्रसेन जी के नाम से पहचान दिलाई थी तथा इसकी सूचना 15/01/ 2026 को ही टाटा स्टील के लैंड डिपार्टमेंट एवं जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति को लिखित रूप से दी थी।

सम्मेलन ने सवाल किया कि
नौ महीने तक भाजपा नेता अभय सिंह को महाराजा अग्रसेन मार्ग नामित पट्टिका नजर क्यों नहीं आयी.?

इतने दिनों तक उन्हें पट्टिका से कोई आपत्ति नहीं हुई?

और 11 अक्तूबर महाराजा अग्रसेन जयंती के दिन ही अचानक भाजपा नेता अभय सिंह को पट्टिका पर पेंट पोतने की आवश्यकता क्यों पड़ी?

सम्मेलन ने स्पष्ट किया कि महाराजा अग्रसेन सेवा, समानता, सहयोग और सामाजिक सद्भाव के प्रतीक हैं। महापुरुषों के सम्मान के साथ समझौता नहीं किया जा सकता। सम्मेलन ने संबंधित पक्ष से स्पष्टीकरण देने की मांग करते हुए कहा कि शीघ्र ही समाज के प्रमुख लोगों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस मामले को झारखंड प्रदेश राष्ट्रीय नेतृत्व स्तर पर भी उठाया जाएगा।

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