दिव्यांग जुनू महतो को डालसा ने दिलाया श्रवण यंत्र

श्रवण यंत्र मिलने के बाद चेहरे पर लौटी खुशी, दिव्यांग ने जताया आभार

जमशेदपुर/पोटका। जरूरतमंद दिव्यांगों को सरकारी योजनाओं और आवश्यक सहायता से जोड़ने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की पहल के तहत पोटका के माटकु गांव निवासी जुनू महतो को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया गया। श्रवण यंत्र मिलने के बाद जुनू महतो ने उसे अपने कान में लगाकर सुनने का प्रयास किया। जब उन्हें स्पष्ट रूप से सुनाई देने लगा तो उनके चेहरे पर खुशी नजर आई।

डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के निर्देश पर पोटका के पीएलवी (पारा लीगल वॉलंटियर) द्वारा जुनू महतो की जरूरत को देखते हुए बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ), पोटका के कार्यालय में आवेदन दिया गया था। आवेदन के माध्यम से दिव्यांग को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था।

जरूरत को देखते हुए उपलब्ध कराया गया श्रवण यंत्र

आवेदन और जरूरत पर विचार करते हुए सीडीपीओ कार्यालय की ओर से श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया गया। पोटका स्थित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कार्यालय की पर्यवेक्षिका शांति दीदी के हाथों जुनू महतो को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया।

श्रवण यंत्र प्राप्त करने के बाद जुनू महतो ने उसे तुरंत अपने कान में लगाया और सुनने की कोशिश की। यंत्र की सहायता से आवाज सुनाई देने पर वह काफी खुश नजर आए। उन्होंने इस सहायता के लिए डालसा और संबंधित अधिकारियों एवं पीएलवी के प्रति आभार व्यक्त किया।

दिव्यांगों तक सहायता पहुंचाने पर जोर

इस पहल के माध्यम से जरूरतमंद दिव्यांग व्यक्ति को उसकी आवश्यकता के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। पीएलवी के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की समस्याओं और आवश्यकताओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उन्हें उपलब्ध सुविधाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है।

डालसा की इस पहल से यह संदेश भी सामने आया कि विधिक सेवा के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को सरकारी सहायता और कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में भी समन्वय महत्वपूर्ण है।

ये लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर सीडीपीओ कार्यालय की पर्यवेक्षिका शांति दीदी, दिव्यांग जुनू महतो तथा डालसा के पीएलवी चयन कुमार मंडल, डोबो चकिया, छाकु माझी, मीरा मंडल, ज्योत्स्ना गोप, कुरुमीता मुर्मू, सबिता सोरेन और राजेश माहली सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

श्रवण यंत्र मिलने के बाद जुनू महतो की खुशी ने कार्यक्रम को भावनात्मक बना दिया। उन्होंने इसे सुनने में सहायक महत्वपूर्ण साधन बताते हुए डालसा और सभी सहयोगियों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।

Leave a Comment