स्कूलों के बाहर वैन और वाहनों की जांच, नाबालिगों को वाहन देने पर अभिभावकों को चेतावनी

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक पुलिस का विशेष अभियान

जमशेदपुर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को शहर के विभिन्न स्कूलों के बाहर विशेष जांच एवं जागरूकता अभियान चलाया। एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब के निर्देश पर ट्रैफिक डीएसपी श्रीनिरज के नेतृत्व में स्कूलों की छुट्टी के समय अभियान चलाकर स्कूली वैन समेत अन्य वाहनों की जांच की गई।

अभियान के दौरान पुलिस ने स्कूली वैन चालकों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की। चालकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे किसी भी परिस्थिति में नशे की हालत में वाहन न चलाएं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को लेकर वाहन चलाने वाले चालक की छोटी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए वाहन चालकों को यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करने की सख्त हिदायत दी गई।

माइकिंग कर बच्चों और अभिभावकों को किया जागरूक

जांच अभियान के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस ने स्कूलों के आसपास माइकिंग के माध्यम से यातायात जागरूकता अभियान भी चलाया। बच्चों को सड़क पार करने, वाहन से उतरते समय सावधानी बरतने और यातायात संकेतों का पालन करने सहित कई महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी गई।

स्कूलों में बच्चों को लेने पहुंचे अभिभावकों से भी पुलिस ने अपील की कि वे अपने नाबालिग बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें। पुलिस ने कहा कि कम उम्र में वाहन चलाना बच्चों के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

नाबालिग के वाहन चलाने पर अभिभावकों पर कार्रवाई

ट्रैफिक पुलिस ने अभिभावकों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसके अभिभावक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने ₹25,000 तक के जुर्माने की चेतावनी भी दी।

अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को वाहन देना केवल यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा को भी गंभीर खतरे में डाल सकता है। विशेष रूप से स्कूल आने-जाने के समय सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ जाती है, ऐसे में नाबालिग चालक के लिए स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण हो सकती है।

सभी ट्रैफिक क्षेत्रों में चलाया गया अभियान

अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस के विभिन्न प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित स्कूलों के सामने जांच की। स्कूली वैन, निजी वाहन और बच्चों को लाने-ले जाने वाले अन्य वाहनों पर विशेष नजर रखी गई। चालकों को निर्धारित गति में वाहन चलाने, यातायात नियमों का पालन करने और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की हिदायत दी गई।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशे में वाहन चलाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे चालक का नियंत्रण प्रभावित हो सकता है और बच्चों की जान के साथ-साथ सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की जिंदगी भी खतरे में पड़ सकती है।

अभियान आगे भी रहेगा जारी

ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जांच और जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहेगा। स्कूलों के आसपास यातायात व्यवस्था पर नजर रखने के साथ नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन और वाहन चालकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। यातायात नियमों का पालन कर और नाबालिगों को वाहन चलाने से रोककर दुर्घटनाओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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