आज के समय में लाखों युवा अच्छी पढ़ाई करने के बावजूद नौकरी के लिए भटक रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह सिर्फ रोजगार के सीमित अवसर नहीं, बल्कि उद्योगों की जरूरत के मुताबिक कौशल (स्किल) की कमी भी है. कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती हैं, जिनके पास डिग्री के साथ व्यावहारिक ज्ञान और काम करने की क्षमता हो. ऐसे में कई योग्य युवा भी इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद नौकरी हासिल नहीं कर पाते. इसी चुनौती को देखते हुए झारखंड सरकार के श्रम, रोजगार, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग ने मुख्यमंत्री सारथी योजना शुरू की है. इस योजना का उद्देश्य राज्य के युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल विकास प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करना है. झारखंड स्टेट स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी (JSDMS) के माध्यम से राज्य के सभी 24 जिलों में संचालित इस योजना के तहत पात्र युवाओं को राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF) के अनुरूप निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें.

क्या है मुख्यमंत्री सारथी योजना?
मुख्यमंत्री सारथी योजना झारखंड सरकार की एक महत्वाकांक्षी कौशल विकास योजना है, जिसके तहत युवाओं को विभिन्न उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है. योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. इसके अलावा, यह योजना स्वरोजगार को भी बढ़ावा देती है, ताकि प्रशिक्षित युवा अपना व्यवसाय शुरू करने की दिशा में भी आगे बढ़ सकें. योजना में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), महिलाओं, दिव्यांगजनों और ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है, जिससे समाज के वंचित वर्गों को बेहतर अवसर मिल सकें.

योजना के प्रमुख लाभ
मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत युवाओं को पूरी तरह निःशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाता है. प्रशिक्षण उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे नौकरी मिलने की संभावना बढ़ती है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सॉफ्ट स्किल्स, आईटी स्किल्स, व्यक्तित्व विकास और इंटरव्यू की तैयारी भी कराई जाती है. इसके अलावा, प्रशिक्षण के लिए आवश्यक वर्दी, प्रतिभागी पुस्तिकाएं और जरूरी उपकरण भी निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं.
मिलेगा आर्थिक सहयोग भी
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि प्रशिक्षण के साथ-साथ युवाओं को आर्थिक सहायता भी दी जाती है. रोजगार प्रोत्साहन भत्ता के तहत यदि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भी अभ्यर्थी को तुरंत रोजगार नहीं मिलता है, तो लड़कों को ₹1,000 प्रति माह और लड़कियों, ट्रांसजेंडर तथा दिव्यांग अभ्यर्थियों को ₹1,500 प्रति माह तक का भत्ता एक वर्ष के लिए दिया जाता है. इसके अलावा, गैर-आवासीय प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण केंद्र तक आने-जाने के लिए ₹1,000 प्रति माह परिवहन भत्ता भी प्रदान किया जाता है.
कौन कर सकता है आवेदन?
मुख्यमंत्री सारथी योजना का लाभ लेने के लिए कुछ पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं. आवेदक झारखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए.
आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए. आवेदक प्राथमिकता समूहों जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला, दिव्यांगजन या ट्रांसजेंडर श्रेणी से संबंधित होना चाहिए. पात्रता की विस्तृत जानकारी संबंधित प्रशिक्षण केंद्र से भी प्राप्त की जा सकती है.
आवेदन कैसे करें?
योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध है. ऑफलाइन आवेदन के लिए इच्छुक उम्मीदवार अपने निकटतम प्रशिक्षण सेवा प्रदाता (Training Service Provider – TSP) केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं. पंजीकरण पूरी तरह आधार कार्ड आधारित होता है, इसलिए आवेदन के समय आधार संख्या होना अनिवार्य है. पंजीकरण के बाद पात्र अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता और रुचि के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल किया जाता है.
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
योजना में आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
पासपोर्ट साइज फोटो
आधार कार्ड
बैंक पासबुक
जरूरत पड़ने पर संबंधित केंद्र अन्य आवश्यक दस्तावेज भी मांग सकता है.

क्यों है यह योजना खास?
मुख्यमंत्री सारथी योजना केवल कौशल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को रोजगार के लिए पूरी तरह तैयार करने का प्रयास करती है. उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण, सॉफ्ट स्किल्स, आर्थिक सहायता और रोजगार से जोड़ने की पहल इस योजना को अन्य योजनाओं से अलग बनाती है. खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के युवाओं के लिए यह योजना बेहतर करियर बनाने का सुनहरा अवसर साबित हो सकती है.






