जमशेदपुर: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा के साथ ही झारखंड के लिए गर्व का एक और अवसर सामने आया है। पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा के रहने वाले युवा फिल्मकार रवि राज मुर्मू को उनकी संताली शॉर्ट फिल्म ‘अंगेन’ के लिए ‘बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर’ (सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक) का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला है। इस उपलब्धि ने न केवल रवि राज मुर्मू, बल्कि पूरे झारखंड और संथाली भाषा-संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
एक छोटे से आदिवासी परिवार से निकलकर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार तक का रवि राज मुर्मू का सफर संघर्ष, मेहनत और समर्पण की मिसाल है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि फिल्म निर्माण केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति को अभिव्यक्त करने की एक गंभीर कला है।
फिल्म बनाने के लिए विषय की गहरी समझ जरूरी
रवि राज मुर्मू ने कहा कि फिल्में देखना जितना आसान लगता है, उन्हें बनाना उतना ही चुनौतीपूर्ण होता है। किसी भी विषय को पर्दे पर वास्तविकता के साथ प्रस्तुत करने के लिए उस विषय का गहन अध्ययन बेहद आवश्यक है। उनका मानना है कि एक अच्छी फिल्म वही होती है जो समाज की सच्चाई और संवेदनाओं को ईमानदारी से दर्शा सके।
गांव की कहानियों से शुरू हुआ फिल्मी सफर
रवि राज ने बताया कि उनके बचपन के गांव में मनोरंजन के साधन लगभग नहीं के बराबर थे। बचपन में परिवार के बुजुर्गों से सुनी जाने वाली लोककथाएं और गांव में आयोजित होने वाले जतरा नाटक ही उनके मनोरंजन का प्रमुख माध्यम थे। बाद में जब गांव में वीसीपी (वीडियो कैसेट प्लेयर) के जरिए फिल्में देखने का अवसर मिला तो उनकी फिल्मों के प्रति रुचि और बढ़ गई।
उन्होंने बताया कि अमिताभ बच्चन, मिथुन चक्रवर्ती और गोविंदा की फिल्में उन्हें बेहद पसंद थीं। इन्हीं फिल्मों ने उनके भीतर सिनेमा के प्रति लगाव पैदा किया और आगे चलकर उन्होंने फिल्म निर्देशन को अपना सपना बना लिया।
13 मिनट की फिल्म ‘अंगेन’ को मिला राष्ट्रीय सम्मान
महज 13 मिनट की संताली शॉर्ट फिल्म ‘अंगेन’ ने अपनी सशक्त कहानी, संवेदनशील प्रस्तुति और निर्देशन के दम पर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार हासिल किया। यह सम्मान संताली भाषा और आदिवासी संस्कृति को देशभर में नई पहचान दिलाने वाला माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी बधाई
रवि राज मुर्मू की इस उपलब्धि पर झारखंड सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी रवि राज मुर्मू को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि रवि राज भविष्य में भी अपनी रचनात्मकता और प्रतिभा से राज्य तथा देश का नाम रोशन करते रहेंगे।
रवि राज मुर्मू की सफलता यह साबित करती है कि यदि प्रतिभा के साथ मेहनत और दृढ़ संकल्प हो तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। जादूगोड़ा के एक छोटे से गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले रवि राज आज झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं।






