पांचवीं मुहर्रम पर चाईबासा में निकला पारंपरिक जुलूस, अकीदतमंदों ने दिखाए खेल के करतब
चाईबासा: सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के नेतृत्व में रविवार को चाईबासा शहर में पांचवीं मुहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण एवं पारंपरिक तरीके से निकाला गया। जुलूस रात्रि करीब 10:30 बजे उर्दू लाइब्रेरी चौक से शुरू होकर मस्जिद मुहल्ला, हलीम चौक होते हुए रमजान सैलून चौक पहुंचकर देर रात समाप्त हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में धर्मालंबी जुलूस में शामिल हुए और मुहर्रम की परंपरा एवं भाईचारे का संदेश दिया।
जुलूस के दौरान शामिल लोगों ने पारंपरिक हथियारों एवं लाठी-डंडों के साथ अपने कला कौशल का प्रदर्शन किया। युवाओं ने विभिन्न खेलों का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं जिहाद क्लब बैंड पार्टी ने गाजे-बाजे के साथ शानदार प्रस्तुति दी, जिससे पूरा माहौल पारंपरिक रंग में रंग गया।
सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों ने जुलूस के दौरान विधि व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कमेटी के अध्यक्ष इफ्तिखार अहमद, उपाध्यक्ष दानिश रजा एवं मो० मुस्तकीम, सचिव जफर नसीम और सह सचिव तहसीन आमीन सहित अन्य सदस्य पूरे जुलूस के दौरान मौजूद रहे और समय पर जुलूस के समापन तथा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा।
इस अवसर पर सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के सचिव जफर नसीम एवं सह सचिव तहसीन आमीन ने कहा कि मुहर्रम सिर्फ एक धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि त्याग, धैर्य, सच्चाई और इंसानियत का संदेश देने वाला महीना है। पांचवीं मुहर्रम के जुलूस का उद्देश्य परंपराओं को कायम रखते हुए आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना है।

उन्होंने बताया कि मुहर्रम के दिनों में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानी को याद किया जाता है, जिन्होंने सच्चाई और न्याय के लिए अपना बलिदान दिया। इसी भावना के साथ हर वर्ष मुहर्रम के मौके पर जुलूस निकाला जाता है और लोग शांति व सद्भाव का संदेश देते हैं।
कमेटी की ओर से सभी लोगों से अपील की गई कि मुहर्रम के सभी कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने में सहयोग करें और शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखें। पांचवीं मुहर्रम का यह जुलूस भी आपसी भाईचारे और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। मौके पर इस जुलूस को शांतिपूर्वक संपन्न कराने हेतु पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद थी।
चाईबासा: सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के नेतृत्व में रविवार को चाईबासा शहर में पांचवीं मुहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण एवं पारंपरिक तरीके से निकाला गया। जुलूस रात्रि करीब 10:30 बजे उर्दू लाइब्रेरी चौक से शुरू होकर मस्जिद मुहल्ला, हलीम चौक होते हुए रमजान सैलून चौक पहुंचकर देर रात समाप्त हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में धर्मालंबी जुलूस में शामिल हुए और मुहर्रम की परंपरा एवं भाईचारे का संदेश दिया।
जुलूस के दौरान शामिल लोगों ने पारंपरिक हथियारों एवं लाठी-डंडों के साथ अपने कला कौशल का प्रदर्शन किया। युवाओं ने विभिन्न खेलों का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं जिहाद क्लब बैंड पार्टी ने गाजे-बाजे के साथ शानदार प्रस्तुति दी, जिससे पूरा माहौल पारंपरिक रंग में रंग गया।
सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों ने जुलूस के दौरान विधि व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कमेटी के अध्यक्ष इफ्तिखार अहमद, उपाध्यक्ष दानिश रजा एवं मो० मुस्तकीम, सचिव जफर नसीम और सह सचिव तहसीन आमीन सहित अन्य सदस्य पूरे जुलूस के दौरान मौजूद रहे और समय पर जुलूस के समापन तथा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा।
इस अवसर पर सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के सचिव जफर नसीम एवं सह सचिव तहसीन आमीन ने कहा कि मुहर्रम सिर्फ एक धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि त्याग, धैर्य, सच्चाई और इंसानियत का संदेश देने वाला महीना है। पांचवीं मुहर्रम के जुलूस का उद्देश्य परंपराओं को कायम रखते हुए आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि मुहर्रम के दिनों में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानी को याद किया जाता है, जिन्होंने सच्चाई और न्याय के लिए अपना बलिदान दिया। इसी भावना के साथ हर वर्ष मुहर्रम के मौके पर जुलूस निकाला जाता है और लोग शांति व सद्भाव का संदेश देते हैं।
कमेटी की ओर से सभी लोगों से अपील की गई कि मुहर्रम के सभी कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने में सहयोग करें और शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखें। पांचवीं मुहर्रम का यह जुलूस भी आपसी भाईचारे और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। मौके पर इस जुलूस को शांतिपूर्वक संपन्न कराने हेतु पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद थी।






