रंगदारी नहीं देने पर युवक पर जानलेवा हमला, पैर तोड़ा, लूटपाट का भी आरोप; कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार में दहशत

रंगदारी नहीं देने पर युवक पर जानलेवा हमला, पैर तोड़ा, लूटपाट का भी आरोप; कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार में दहशत
जमशेदपुर: मानगो स्थित उलीडीह थाना क्षेत्र में रंगदारी नहीं देने पर एक युवक पर जानलेवा हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ उलीडीह थाना में लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रंगदारी की मांग का विरोध करने पर आरोपियों ने रॉड, लाठी और डंडों से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमले में युवक का पैर टूट गया, जबकि उसके शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। इतना ही नहीं, आरोपियों पर मारपीट के दौरान नकदी और गले से धार्मिक लॉकेट छीन लेने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित बीरेन्द्र कुमार, पिता श्री कृष्ण सिंह, निवासी राजेंद्र नगर, कुंवर सिंह पथ, उलीडीह ने उलीडीह थाना प्रभारी को दिए गए आवेदन में बताया है कि घटना 20 मई 2026 की रात लगभग 10 बजे की है। उनके अनुसार, अभिषेक सिंह उर्फ गोलू, केशव सिंह, अखिलेश सिंह तथा राकेश सिंह उर्फ सोनू अपने अन्य साथियों के साथ उनके पास पहुंचे और रंगदारी के रूप में 11 हजार रुपये की मांग करने लगे। जब उन्होंने रंगदारी देने से इनकार किया और इसका विरोध किया, तो सभी आरोपी उग्र हो गए और उन पर हमला बोल दिया।


रॉड, लाठी और डंडों से किया गया हमला
पीड़ित का आरोप है कि सभी आरोपी पहले से ही रॉड, लाठी और डंडे जैसे हथियारों से लैस होकर आए थे। रंगदारी देने से मना करने पर उन्होंने बीरेन्द्र कुमार को घेर लिया और ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। आरोपियों ने उनके सिर, चेहरे, आंख, जबड़े और पैरों पर लगातार वार किए। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनका दाहिना पैर टूट गया और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
बीरेन्द्र कुमार ने बताया कि जब उनके बड़े भाई बिपिन कुमार उन्हें बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंचे, तब आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जबकि आरोपी मारपीट के बाद मौके से फरार हो गए।
नकदी और लॉकेट छीनने का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने पीड़ित के गले से हनुमान जी का लॉकेट छीन लिया। साथ ही उनकी जेब में रखे 1400 रुपये नकद भी निकाल लिए गए। पीड़ित का कहना है कि हमला केवल मारपीट तक सीमित नहीं था, बल्कि आरोपियों ने उनके साथ लूटपाट भी की।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से गंभीर रूप से घायल बीरेन्द्र कुमार को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार किया। मेडिकल जांच में उनके पैर में गंभीर चोट और फ्रैक्चर की पुष्टि होने की बात कही गई है।
पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
घटना को लेकर सबसे गंभीर आरोप पुलिस की कार्यशैली पर लगाए गए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद तत्काल लिखित शिकायत दी गई थी और आरोपियों के नाम भी स्पष्ट रूप से बताए गए थे, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
परिजनों का आरोप है कि इतने गंभीर मामले में भी पुलिस की ओर से अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई, जिसके कारण आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इससे पीड़ित परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
आरोपियों द्वारा लगातार दबाव बनाने का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि नामजद आरोपी राकेश सिंह उर्फ सोनू, जो एक निजी कंपनी में सुरक्षा कर्मी के रूप में कार्यरत बताया जा रहा है, अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर लगातार मामले को वापस लेने का दबाव बना रहा है। परिवार का कहना है कि उन्हें बार-बार धमकियां दी जा रही हैं और केस नहीं उठाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही है।
परिजनों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ अब तक कड़ी कार्रवाई नहीं होने के कारण उनके हौसले और बढ़ गए हैं। परिवार का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं।
उच्च अधिकारियों से लगाई गुहार
न्याय की उम्मीद में पीड़ित परिवार ने पुलिस के वरीय अधिकारियों से भी मुलाकात की। परिवार का कहना है कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी और सुरक्षा की मांग की। हालांकि, उनके अनुसार अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली।
परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और क्षेत्र में कानून का भय कायम हो।
कोर्ट पहुंचा मामला
पुलिस स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने के कारण पीड़ित परिवार ने अब न्यायालय की शरण ली है। परिवार ने न्याय की मांग को लेकर अदालत में याचिका दायर की है। वहीं दूसरी ओर, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने न्यायालय में अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) के लिए आवेदन किया था।
सूत्रों के अनुसार, आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका को न्यायालय ने पहले खारिज कर दिया था। इसके बावजूद आरोपियों ने एक बार फिर अदालत में अग्रिम जमानत के लिए नई याचिका दायर की है, जिस पर सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।
न्याय और सुरक्षा की मांग
पीड़ित बीरेन्द्र कुमार और उनके परिवार ने प्रशासन तथा न्यायालय से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही परिवार ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक परिवार के सदस्यों को किसी भी अनहोनी का डर बना रहेगा।
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें पुलिस और न्यायालय की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा और दोषियों को उनके कृत्य की सजा मिलेगी।

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