भय वृत्ति पर विजय प्राप्त करने वाले 100 रक्त वीरों को आनंद मार्ग ने सम्मानित किया

भय वृत्ति पर विजय प्राप्त करने वाले 100 रक्त वीरों को आनंद मार्ग ने सम्मानित किया

जमशेदपुर:
आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल की ओर से लगभग 100 से भी ज्यादा रक्तवीरों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह आनंद मार्ग आश्रम गदरा में आयोजित किया गया । इस कार्यक्रम में जितने भी रक्तदाता को सम्मानित किया गया वह सभी रक्तदाता आनंद मार्ग के द्वारा आयोजित मासिक रक्तदान शिविर में जो कि प्रत्येक महीना में जमशेदपुर ब्लड सेंटर में आयोजित होता है उस रक्तदान शिविर में रक्त दान करने वाले रक्त वीर है।भय वृत्ति पर विजय प्राप्त करने वाले 100 रक्त वीरों को स्मृति चिन्ह एवं पौधे देकरआनंद मार्ग ने सम्मानित किया। आनंद मार्ग के विश्व स्तरीय संन्यासियों ने इन रक्त वीरों को सम्मानित किया। सभी आनंद मार्ग के अतिथियों ने रक्त वीरो अपने आशीर्वचन से आशीर्वाद दिया। सुनील आनंद ने कहा कि
इस कार्यक्रम में जितने भी रक्तदाता रक्तदान करते हैं उनके मन में आध्यात्मिक भाव के विषय में भी बताना बहुत जरूरी है। परमात्मीय भाव रक्तदान करें तो एक साथ दो पुण्य का काम हो जाएगा एक तो रक्तदान दूसरा मन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और जब मन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा तो उसका प्रभाव शरीर पर भी पड़ेगा और इस शरीर से निकलने वाला रक्त जो है वह सब के लिए कल्याणकारी होगा।उनके मन में परमात्मा के प्रति आध्यात्मिक भाव का एहसास करना कि हम लोग जो भी कुछ करते हैं खास कर रक्तदान वह एक अद्भुत दान है क्योंकि इसका कोई भी विकल्प नहीं है और दान करने वाले निस्वार्थ भाव से स्वैच्छिक रक्तदान करते हैं भाव होना , हे परम पुरुष हम इसलिए रक्तदान करते हैं कि तुम खुश होते हो तुम्हारे जो बच्चे हैं वह संस्कारगत कारण से कष्ट भोग कर रहे हैं उनके कष्ट निदान के लिए हम रक्तदान करते हैं इस भाव से रक्तदान करने वाले जितने भी लोग हैं वह सभी रक्त वीर है क्योंकि रक्त दान करने वाला भयवृत्ति पर विजय प्राप्त कर ही रक्तदान करता है वह हमेशा स्वास्थ विभाग के मानक के आधार पर 90 दिन के बाद रक्तदान करने वाले रक्त वीरों को सम्मानित किया गया।

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