मानेसर में रेलवे चिल्ड्रन इंडिया का वार्षिक सम्मेलन सम्पन्न, 2,900 बच्चों के संरक्षण की उपलब्धि पर टीम को सराहना
मानेसर (हरियाणा). रेलवे चिल्ड्रन इंडिया द्वारा 13 से 15 मार्च तक हरियाणा के मानेसर में तीन दिवसीय वार्षिक सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया. इस सम्मेलन में संगठन के विभिन्न कार्यक्रम क्षेत्रों से जुड़े टीम सदस्यों ने भाग लेकर पिछले वर्ष के कार्यों की समीक्षा की, अपने अनुभव साझा किए तथा आने वाले समय की रणनीतियों पर सामूहिक रूप से विचार-विमर्श किया.
तीन दिनों तक चले इस सम्मेलन में विभिन्न टीमों ने पूरे वर्ष के अपने कार्यों की विस्तृत प्रस्तुति दी. प्रस्तुतियों के दौरान टीमों ने अपने लक्ष्य, कार्यों की प्रगति और प्राप्त परिणामों की जानकारी दी. साथ ही उन चुनौतियों पर भी चर्चा की, जिनका सामना उन्हें करना पड़ा और उन्हें दूर करने के लिए अपनाई गई रणनीतियों को साझा किया. इन प्रस्तुतियों ने संगठन के भीतर विचार-विमर्श, ज्ञान-साझाकरण और सामूहिक समस्या समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया.
सम्मेलन के दौरान यह जानकारी भी साझा की गई कि वर्ष 2025-26 के दौरान रेलवे चिल्ड्रन इंडिया ने 2,900 बच्चों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह उपलब्धि संगठन की पूरी टीम की प्रतिबद्धता, समर्पण और निरंतर प्रयासों का परिणाम है, जो बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए कार्य कर रही है.
इस अवसर पर रेलवे चिल्ड्रन इंडिया के चेयरमैन हरभजन सिंह भी उपस्थित रहे. उन्होंने टीम को संबोधित करते हुए उनके समर्पण और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि 2,900 बच्चों के संरक्षण की उपलब्धि पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है और भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है.
वहीं रेलवे चिल्ड्रन इंडिया के सीईओ नवीन सेल्लराजु सुकुमार ने अपने संबोधन में कहा कि परिवहन टर्मिनलों से बचाए गए बच्चों के लिए सुरक्षित और सहायक वातावरण तैयार करना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने संगठन के भीतर भी टीम के लिए सुरक्षित, सहयोगपूर्ण और संवेदनशील कार्य वातावरण विकसित करने पर जोर दिया.
सम्मेलन में समीक्षा बैठकों के साथ-साथ टीम के आपसी संबंधों को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न टीम-बिल्डिंग गतिविधियों, मनोरंजक सत्रों और आर्ट थेरेपी कार्यशाला का भी आयोजन किया गया. इन गतिविधियों ने टीम के सदस्यों को रचनात्मक रूप से स्वयं को अभिव्यक्त करने और एक-दूसरे के साथ बेहतर तालमेल बनाने का अवसर दिया.
सम्मेलन के समापन पर सीनियर प्रोग्राम मैनेजर अफसर अहमद खान ने बताया कि यह आयोजन केवल पिछले कार्यों की समीक्षा का मंच नहीं रहा, बल्कि इसने संगठन के साझा उद्देश्य और टीम की सामूहिक शक्ति को भी मजबूत किया. उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान मिली सीख और अनुभवों को संगठन अपनी भविष्य की योजनाओं में शामिल करेगा, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में कार्य और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके.





