Jamshedpur स्वदेशी जागरण मंच एवं सीबीएमडी से संबद्ध माइक्रो वेलफेयर डेवलपमेंट सेंटर द्वारा चैम्बर भवन में लघु ऋण

स्वदेशी जागरण मंच एवं सीबीएमडी से संबद्ध माइक्रो वेलफेयर डेवलपमेंट सेंटर द्वारा चैम्बर भवन में लघु ऋ वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लगभग 80 महिलाओं के बीच कुल 25 लाख रुपये का लघु ऋण वितरित किया गया। ऋण वितरण मुख्य अतिथि स्वदेशी जागरण मंच के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव श्री पी. मुरलीधर राव तथा विशिष्ट अतिथि एसिया के अध्यक्ष श्री इंदर अग्रवाल के कर-कमलों से संपन्न हुआ।

 

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं स्वदेशी गीत के साथ की गई। सेंटर के निदेशक श्री अशोक गोयल ने अतिथियों एवं उपस्थित मातृशक्ति का स्वागत किया।

 

विषय प्रवेश करते हुए सेंटर के निदेशक श्री मनोज कुमार सिंह ने कहा कि स्वदेशी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 1992–93 में स्वदेशी जागरण मंच की स्थापना कर स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत की गई। इसके अंतर्गत देशभर में स्वदेशी मेलों का आयोजन हुआ। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें स्वावलंबी बनाने हेतु श्री पी. मुरलीधर राव के दिशा-निर्देशन में पूरे देश में लघु ऋण वितरण प्रकल्प प्रारंभ किया गया, जो महिलाओं को महाजनी प्रथा के चंगुल से मुक्त कराने का सशक्त माध्यम बना। इसी क्रम में वर्ष 2012 में जमशेदपुर में इस प्रकल्प की शुरुआत हुई। समाज के सक्षम वर्ग के सहयोग से यह योजना बिना सरकारी सहायता के निरंतर संचालित हो रही है और अब तक जमशेदपुर में लगभग 4,500 से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया जा चुका है।

 

विशिष्ट अतिथि एसिया के अध्यक्ष श्री इंदर अग्रवाल ने स्वावलंबी झारखंड के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को आर्थिक सहयोग के साथ-साथ उद्यमिता से जोड़ने हेतु प्रशिक्षण देना भी आवश्यक है, जिससे नारी शक्ति आत्मनिर्भर बनकर समाज को नई दिशा दे सके। उन्होंने कहा कि इस दिशा में उद्यमी समाज हर संभव सहयोग के लिए सदैव तत्पर है।

 

मुख्य अतिथि श्री पी. मुरलीधर राव ने नारी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि महिलाएं असंभव को भी संभव करने की क्षमता रखती हैं। महिलाएं देश का सबसे विश्वसनीय वर्ग हैं और भावनात्मक रूप से भी अत्यंत सशक्त होती हैं। देश के स्वावलंबन अभियान में महिलाएं मजबूत स्तंभ बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को आर्थिक नीतियां बनाते समय महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि महिलाएं अपेक्षाकृत अधिक ईमानदार होती हैं और उनकी आय सीधे परिवार के सशक्तिकरण में लगती है। महिलाएं घर के उत्थान का सशक्त माध्यम हैं और स्वायत्त एवं स्वतंत्र व्यवस्था का संचालन करने में सक्षम हैं।

 

उन्होंने आगे कहा कि उद्यमिता के लिए केवल पूंजी ही नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच और बुद्धिमत्ता की भी आवश्यकता होती है। इस प्रकल्प के अंतर्गत 98 प्रतिशत महिलाओं द्वारा ऋण की वापसी की गई है, इसलिए सरकार को चाहिए कि वह जवाबी सुरक्षा (गारंटी) प्रदान करे।

 

श्री राव ने यह भी कहा कि आज किसी भी देश की सरकार सभी को रोजगार उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं है। इसलिए सरकार को रोजगार देने वाले उद्यमियों को खड़ा करने पर ध्यान देना चाहिए। वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में स्वदेशी ही एकमात्र सशक्त विकल्प है। आंतरिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का मार्ग स्वदेशी से होकर ही जाता है।

 

कार्यक्रम का संचालन स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय पर्यावरण सह-प्रमुख श्री बंदेशंकर सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती मंजू ठाकुर ने किया।

 

इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच की जिला संयोजक श्रीमती राजपति देवी, प्रांत युवा प्रमुख श्री पंकज सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर कार्यवाह श्री रविंद्र नारायण, सह महानगर कार्यवाह श्री अमित सिंह, संगीता श्रीवास्तव, शिवशंकर सिंह, एसिया के महासचिव श्री प्रवीण गुटगुटिया, नवीन अग्रवाल, राजीव मुरारका, राजेश सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री संजीव सिन्हा, सुधांशु ओझा, राजन सिंह, अमिताभ सेनापति, जे.के.एम. राजू, अनिल राय, अजय श्रीवास्तव, सुधीर सिंह, सरोज सिन्हा, किरणजीत कौर, नवनीत सिंह, आशा सिंह, कंचन सिंह, आभा सिंह, शारदा, अभिषेक बजाज, गुरजीत सिंह सहित सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रहीं।

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