जमशेदपुर के अपहृत उद्यमी पुत्र कैरव गांधी की सकुशल वापसी हुए पर इस मामले में पुलिस ने गंभीरता से काम करते हुए न सिर्फ पीड़ित परिवार को राहत दी, बल्कि आम जनता के बीच कानून-व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत किया है। अपहरण जैसी गंभीर घटना में पुलिस की भूमिका सराहनीय रही। इस मामले में तीन किडनेपर और एक चारपहिया वाहन भी जप्त की गई है
पुलिस ने जांच से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियों को पूरी तरह गोपनीय रखा, ताकि अपराधियों को किसी भी तरह का संकेत या भागने का मौका न मिल सके। पुलिस की यह रणनीति पूरी तरह सफल रही और अपराधी अपने ही जाल में फंसते चले गए।
पुलिस द्वारा गहन छानबीन और आरोपियों से सघन पूछताछ जारी है। बताया जा रहा है कि इस केस से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं। सूत्रों का दावा है कि अगले 48 घंटों के भीतर पुलिस इस अपहरण कांड का पूरा पर्दाफाश कर सकती है, जिससे इस साजिश से जुड़े अन्य चेहरों पर भी से पर्दा उठेगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि कानून से बचना अब आसान नहीं है। सही रणनीति, गोपनीयता और समय पर कार्रवाई से अपराध चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, अंजाम तक जरूर पहुंचता है।






