2017-18 में लागू हुआ अनिवार्य विवाह निबंधन अधिनियम, फिर भी जागरूकता की भारी कमी

2017-18 में लागू हुआ अनिवार्य विवाह निबंधन अधिनियम, फिर भी जागरूकता की भारी कमी

झारखंड में शादी तो खूब होती है, लेकिन विवाह रजिस्ट्रेशन के आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
राज्य सरकार ने विवाहों को कानूनी मान्यता देने और दंपत्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए अनिवार्य विवाह निबंधन अधिनियम लागू किया था, ताकि हर शादी का रिकॉर्ड रखा जा सके।

वर्ष 2017-18 में लागू हुआ यह अधिनियम अब भी लोगों की जागरूकता की कमी में उलझा है।
सरकार ने प्रक्रिया को सरल बनाते हुए पंचायत स्तर पर ही रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई है,
ताकि लोगों को रजिस्ट्री ऑफिस के चक्कर न लगाने पड़ें और हर विवाह को कानूनी सुरक्षा मिल सके।
लेकिन आज भी ज़्यादातर लोग विवाह पंजीकरण को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं।

धनबाद जिले का निरसा प्रखंड इसका सबसे बड़ा उदाहरण है,
जहां 2018 से 2025 तक हजारों शादियां हुईं, लेकिन सिर्फ 99 विवाहों का ही निबंधन हुआ है।
2018 से 2024 तक कुल 80 विवाह पंजीकृत हुए, जबकि 2025 में अब तक केवल 19 विवाह का रजिस्ट्रेशन हुआ है।

निरसा की 27 पंचायतों में से 9 पंचायतें —
भागाबांध, बैजना, वीरसिंहपुर, खुशरी, मदनडीह, उपचुरिया, माड़मा, श्यामपुर और हरियाजाम —
ऐसी हैं, जहां 2018 से अब तक एक भी विवाह निबंधन नहीं हुआ है।

यह स्थिति साफ दर्शाती है कि ग्रामीण इलाकों में विवाह पंजीयन के महत्व और लाभों के प्रति जागरूकता की कमी बनी हुई है।

सरकार ने विवाह रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बेहद आसान बनाई है।
इसके लिए जरूरी दस्तावेज़ हैं —
पति-पत्नी की फोटो, विवाह समारोह की तस्वीर, तीन गवाहों के फोटो-आधार,
दूल्हे की आयु 21 वर्ष और दुल्हन की 18 वर्ष का प्रमाण,
शादी का निमंत्रण पत्र, पंचायत मुखिया या उपमुखिया का हस्ताक्षरयुक्त प्रमाणपत्र
और बीपीएल कार्ड (यदि लागू हो)।

बीपीएल परिवारों के लिए यह प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है,
जबकि अन्य लोगों को मात्र ₹50 शुल्क देना होता है।
दस्तावेज़ जमा करने के एक माह के भीतर ऑनलाइन विवाह प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता है।

विवाह रजिस्ट्रेशन के प्रमुख फायदे —

✅ कानूनी मान्यता:
पति-पत्नी के संबंध को वैधानिक सुरक्षा प्रदान करता है।

✅ सरकारी योजनाओं का लाभ:
विधवा पेंशन, पारिवारिक लाभ, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में आवश्यक दस्तावेज़।

✅ पासपोर्ट और वीज़ा प्रक्रिया में उपयोगी:
विदेश यात्रा व वीज़ा सत्यापन में प्रमाणपत्र की जरूरत होती है।

✅ संपत्ति और उत्तराधिकार मामलों में सहायक:
विवाद या दुर्घटना की स्थिति में कानूनी हक साबित करने में मदद करता है।

✅ कानूनी सुरक्षा:
पारिवारिक विवाद, उत्पीड़न या तलाक के मामलों में सशक्त प्रमाण के रूप में कार्य करता है।

निरसा के बीडीओ, इंद्रलाल ओहदार ने बताया —

सभी पंचायत सचिवों को आवश्यक आईडी उपलब्ध कराई गई है।
आवेदन मिलते ही निर्धारित समय सीमा में विवाह प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता है।
समाज के लोगों को अब जागरूक होना होगा,
क्योंकि विवाह निबंधन न केवल कानूनी आवश्यकता है,
बल्कि पति-पत्नी के अधिकारों की सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी है।”

मुस्कुराता दंपत्ति विवाह प्रमाणपत्र लिए हुए

सरकार ने सुविधा दी है, व्यवस्था दी है — अब जिम्मेदारी नागरिकों की है।
क्योंकि विवाह का रजिस्ट्रेशन सिर्फ एक औपचारिकता नहीं,
बल्कि आपके अधिकार और सुरक्षा की गारंटी है।

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