वॉशिंगटन: अमेरिका ने ईरान के एनर्जी ट्रेड में कथित रूप से मदद करने के आरोप में दो भारतीय नागरिकों सहित 50 से अधिक संस्थाओं, लोगों और जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिया है. आधिकारिक बयान के अनुसार, अमेरिका ने ईरान की “एनर्जी एक्सपोर्ट मशीन” (ऊर्जा निर्यात प्रणाली) के “प्रमुख तत्वों” को नष्ट करने के प्रयास में यह कदम उठाया है. अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने गुरुवार को प्रतिबंधों की घोषणा की.
विभाग ने एक बयान में कहा, “इन लोगों ने सामूहिक रूप से अरबों डॉलर के पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात को संभव बनाया है, जिससे ईरानी शासन को महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त हुआ है और अमेरिका के लिए खतरा पैदा करने वाले आतंकवादी समूहों को समर्थन मिला है.”
नए अमेरिकी प्रतिबंध ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर अंकुश लगाने के विभाग के प्रयासों का हिस्सा हैं. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के हवाले से बयान में कहा गया, “वित्त विभाग ईरान की ऊर्जा निर्यात प्रणाली के प्रमुख तत्वों को नष्ट करके ईरान के नकदी प्रवाह को कम कर रहा है.”
प्रतिबंधित भारतीय नागरिकों में वरुण पुला (Varun Pula) भी शामिल हैं, जो मार्शल द्वीप समूह स्थित बर्था शिपिंग इंक (Bertha Shipping Inc) के मालिक हैं, उनकी कंपनी कोमोरोस-ध्वज वाले जहाज पामीर (PAMIR) का स्वामित्व और संचालन करती है. अमेरिकी बयान के अनुसार, इस जहाज ने जुलाई 2024 से चीन को लगभग 40 लाख बैरल ईरानी एलपीजी पहुंचाया है.
इसके अलावा अमेरिका ने भारतीय नागरिक सोनिया श्रेष्ठ (Soniya Shrestha) पर प्रतिबंध लगाया है, जो वेगा स्टार शिप मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (Vega Star Ship Management) की मालिक हैं. यह कंपनी भी कोमोरोस ध्वज वाले जहाज नेप्टा (NEPTA) का स्वामित्व और संचालन करती है, जिसने जनवरी 2025 से पाकिस्तान को ईरानी एलपीजी पहुंचाया है.
बयान में आगे कहा गया है कि “नामित या प्रतिबंधित व्यक्तियों की सभी संपत्तियां, जो अमेरिका में हैं या अमेरिकी व्यक्तियों के कब्जे या नियंत्रण में हैं, ब्लॉक्ड हैं और उनकी सूचना OFAC को दी जानी चाहिए. बयान के मुताबिक, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, व्यक्तिगत रूप से या समग्र रूप से, एक या अधिक प्रतिबंधित व्यक्तियों के स्वामित्व वाली 50 प्रतिशत या अधिक की कोई भी संस्था भी ब्लॉक मानी जाएगी.






