अध्ययन यात्रा पर पूर्वी सिंहभूम पहुंचे LBSNAA, मसूरी से 14 प्रशिक्षु अधिकारी
समाहरणालय में आयोजित बैठक में जिला दण्डाधिकारी-सह- उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने किया सम्बोधित, विभागीय योजनाओं एवं क्रियान्वयन की दी गयी जानकारी
उप विकास आयुक्त, एसडीएम धालभूम, अपर उपायुक्त समेत जिला के सभी विभागीय पदाधिकारी रहे मौजूद
पूर्वी सिंहभूम जिले के अध्ययन यात्रा पर आए LBSNAA, मसूरी से 14 प्रशिक्षु अधिकारियों का दल 27 अगस्त से 02 सितंबर तक गांवों में रहकर केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन को धरातल पर देखेंगे । इसी क्रम में जिला सभागार में जिला दण्डाधिकारी-सह- उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई जिसमें जिला स्तरीय सभी विभागीय पदाधिकारी मौजूद रहे। जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त ने सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रशासन की भूमिका के साथ-साथ चुनौतियां, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, विकास, राजस्व संग्रहण, विधि व्यवस्था संधारण तथा प्रशासनिक कार्यों के अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संबोधित किया। अध्ययन यात्रा दल में भारतीय प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा, वन सेवा, रेलवे, राजस्व सेवा आदि के 4 महिला एवं 8 पुरूष शामिल हैं वहीं 2 प्रशिक्षु अधिकारी भूटान के क्रमश: प्रशासनिक एवं पुलिस सेवा के हैं । बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा उपलब्धियों की भी जानकारी दी गई, तथा किस विभाग का क्या कार्य है इसपर प्रकाश डाला गया ।
जिला दण्डाधिकारी-सह- उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी प्रशिक्षुओं को अध्ययन यात्रा की शुभकामनायें देते हुए कहा कि यह यात्रा आप सभी के लिए नींव का कार्य करेगी । जिन लोगों को ध्यान में रखकर केन्द्र और राज्य सरकार योजनायें बनाती है तथा प्रशासन उसे धरातल पर उतारता है, उन लोगों के बीच रहकर इसकी वास्तविकता को समझना काफी महत्वपूर्ण है । प्रशासक के रूप में निजी भावनाओं / इच्छाओं से उपर उठकर समाज हित में कैसे बेहतर किया जा सकता है यह जानने समझने का अवसर मिलेगा ।
प्रशिक्षु अधिकारियों का दल घाटशिला प्रखंड अंतर्गत कालचिति पंचायत के ग्राम बुरूडीह एवं ग्राम दीघा में 28 से 02 सितंबर तक कैम्प करेगी । जनजातीय जीवन एवं जीवनयापन के अलावा गांव की सामाजिक, संस्कृतिक और आर्थिक परंपरागत ढांचा के बीच कैसे समन्वय बनाते हुए जिला प्रशासन की ओर से विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं, इसका अध्ययन करेंगे। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आजीविका, पेयजलापूर्ति, स्वच्छता, स्वरोजगार, सामाजिक कल्याण, आंगनबाड़ी के क्रिया कलाप और सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाएं, खाद्य आपूर्ति, विद्युतापूर्ति, मनरेगा आधारित कार्य, कृषि समेत अन्य विकास कार्यों का मुआवना भी करेंगे। साथ ही जनजातीय बहुल इलाकों का सामाजिक आर्थिक और सांस्कृतिक विरासत तथा पंचायती राज के तहत लोकतंत्र की प्रथम पायदान की बारीकियों का भी अध्ययन करेंगे।
प्रशिक्षु दल जमीन संबंधी मामलों में कानूनी प्रक्रिया तथा ग्रामसभा की भूमिका का भी अध्ययन करेंगे। साथ ही जेएसएलपीएस के माध्यम से संचालित महिला मण्डलों की सामाजिक और आर्थिक विकास में भूमिका का भी ग्राउंड जीरो से जायजा लेंगे। जिले में स्वयंसहायता समूह और युवा किसानों की विकासात्मक प्रक्रिया का भी अध्ययन करेंगे।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री मनीष कुमार, एसडीएम धालभूम श्री पीयूष सिन्हा, अपर उपायुक्त श्री जयदीप तिग्गा, सिविल सर्जन डॉ जुझार माझी, निदेशक डीआरडीए श्री सौरभ सिन्हा, निदेशक एनईपी श्रीमती ज्योत्सना सिंह, डीसीएलआर श्री रविन्द्र गागराई, जिला खनन पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, शिक्षा, कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, खेल एवं पर्यटन समेत अन्य सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।






