90 के दशक जैसा “जंगल राज” क्या फिर लौट आया हेमंत सरकार में? कुलवंत सिंह बंटी
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कुलवंत सिंह बंटी ने कहा कि मैंने 90 के दशक का जमशेदपुर भी देखा है।
उस समय बिहार में लालू प्रसाद यादव के शासन को लोग “जंगल राज” कहते थे। माफिया सक्रिय थे, अपराध भी होते थे। आम नागरिक के मन में डर और असुरक्षा की भावना रहती थी, लेकिन अपराधियों की आपसी रंजिश और आम लोगों के खिलाफ होने वाले अपराधों में फर्क दिखाई देता था।
कुलवंत सिंह बंटी ने कहा कि आज जब मैं जमशेदपुर और पूरे झारखंड की स्थिति देखता हूँ, तो लगता है कि 90 के दशक जैसी भयावह तस्वीर फिर सामने खड़ी हो गई है। छोटी-छोटी बातों पर चापड़ से हमला, खुलेआम नशे का कारोबार, चैन स्नैचिंग, लूट और बढ़ते अपराधों ने हर परिवार को भय के साये में जीने को मजबूर कर दिया है। अब यह कहना मुश्किल हो गया है कि कौन, कब और कहाँ अपराध का शिकार बन जाए।
हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे पुलिस की मौजूदगी में भी हमला करने से नहीं डरते। यदि अपराधियों में कानून का भय होता, तो पुलिस के सामने किसी युवक को गाड़ी से खींचकर उस पर जानलेवा हमला करने की हिम्मत नहीं होती।

हिमांशु सिंह की दर्दनाक हत्या केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि झारखंड की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का प्रतीक बन गई है। यदि प्रशासन समय पर प्रभावी कार्रवाई करता और अपराधियों में कानून का डर होता, तो शायद आज हिमांशु हमारे बीच होते।
झारखंड की जनता को भय नहीं, सुरक्षा चाहिए। सरकार का पहला दायित्व नागरिकों के जीवन और संपत्ति की रक्षा करना है। मैं राज्य सरकार से मांग करता हूँ कि हिमांशु सिंह के हत्यारों को अविलंब गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए तथा पूरे राज्य में कानून का राज स्थापित किया जाए।
हिमांशु को न्याय मिले, उनके परिवार को न्याय मिले यही हमारी मांग है।





