हूल दिवस पर शहीद सिदो-कान्हू को झामुमो नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, सरकार पर साधा निशाना
जमशेदपुर: हूल दिवस के अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला संपर्क कार्यालय में वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा एवं तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में झामुमो पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन ने पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि सन 1855 में वीर सिदो-कान्हू, चाँद-भैरव और फूलो-झानो के नेतृत्व में हुए संथाल हूल ने अंग्रेजी शासन की नींव हिला दी थी। उन्होंने कहा कि इन महान क्रांतिकारियों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
विक्टर सोरेन ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के सात दशक बाद भी यदि लोगों को अपने ही वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी पड़े और बॉन्ड भरना पड़े, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार को यह याद रखना चाहिए कि अब न ब्रिटिश साम्राज्यवाद है और न ही राजतंत्र। वीर सिदो-कान्हू की विरासत को मिटाने की किसी भी कोशिश को जनता कभी सफल नहीं होने देगी।
इस अवसर पर झामुमो के 20 सूत्री सदस्य प्रमोद लाल ने कहा कि वीर शहीद सिदो-कान्हू ने आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और स्वाभिमान की रक्षा के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया था। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही समाज और राज्य का समग्र विकास संभव है। उन्होंने युवाओं से हूल आंदोलन के इतिहास और शहीदों के बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में झामुमो के कई पदाधिकारी, नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने वीर शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।







