आनंद मार्ग ने 7 दिन में ग्रामीण क्षेत्र में आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल एवं प्रीवेंशन आफ क्रुएलिटी टू एनिमल्स एंड प्लांट्स (PCAP)जमशेदपुर की ओर से पर्यावरण सप्ताह अभियान 30 मई से 5 जून तक चलाया गया । यह कार्यक्रम आनंद मार्ग जागृति गदरा शहर के आसपास देहात क्षेत्र में आयोजित कर लगभग 7 दिन में 800 फलदार पौधे एवं बीज बॉल बनाने की विधि बताई गई एवं बीज बॉल वितरण किया गया। शिव शक्ति परिवार, सबूत कल्याण संघ, प्रतीक संघर्ष एवं अन्य संस्थाओं को भी पौधा रोपण के लिए दिया गया ।पिछले 15 सालों से आज तक लगभग 1लाख 50 हजार से भी ज्यादा पौधा का निशुल्क वितरण किया जा आनंद मार्ग का कहना है कि पर्यावरण की समस्या सृष्टि के उन्नत जीव मनुष्य के द्वारा निर्मित समस्या इसका समाधान भी मनुष्य को ही निकलना होगा । सृष्टि के मनुष्य स्वार्थी हो गए हैं अपने स्वार्थ के कारण पर्यावरण की समस्या पैदा किए ।मनुष्य के मन पर तमोगुण के प्रभाव के कारण ,मनुष्य इस समस्या के जाल में फस गया है । मन को निर्मल कर हे मनुष्य इस समस्या से निजात पा सकता है। यह समस्या केवल पेड़ लगाने तक ही नहीं ।पर्यावरण प्रदूषण को दूर करने के लिए मन के प्रदूषण को भी दूर करना होगा । मनुष्य के द्वारा ही पर्यावरण प्रदूषण हुआ है और इसका समाधान भी मनुष्य ही करेगा पहले मन प्रदूषित होता है मन पर तमोगुण का प्रभाव प्रबल रहता है उसके बाद ही प्राकृतिक को प्रदूषित करने के बारे में मनुष्य सोचता है इसलिए मन को भी निर्मल करना होगा मन को भी वृहद करना होगा । जब तक हम पेड़ पौधों एवं जीव ,जंतु को अपने परिवार का सदस्य के रूप में स्वीकार नहीं किया करेंगे तब तक प्रकृति का कल्याण संभव नहीं है ,इसलिए नव्य -मानवतावादी विचारधारा से समाज का कल्याण संभव है ,नव्य मानवतावाद बताता है कि इस पृथ्वी पर मनुष्य ही नहीं अनेक प्रकार के पेड़ ,पौधे जीव जंतु इस पृथ्वी रूपी परिवार के सदस्य हैं ,हम इस पृथ्वी के बुद्धिमान जीव होने के नाते हमारा कर्तव्य बनता है कि सभी को परिवार सदस्य के रूप में स्वीकार किया जाए , मनुष्य का परम आदर्श नव्य- मानवतावाद होना चाहिए तभी पृथ्वी का कल्याण संभव है।
पृथ्वी पर ऑक्सीजन की मात्रा को संतुलित रखने के लिए आनंद मार्ग की ओर से बांटे जा रहे हैं हर तरह के पौधे
आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल एवं प्रीवेंशन आफ क्रुएलिटी टू एनिमल्स एंड प्लांट्स (PCAP)जमशेदपुर की ओर से *”एक पेड़ कई जिंदगी”* अभियान के तहत विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सात दिवसीय निशुल्क पौध वितरण का शुभारंभ 30 मई से 5 जून तक चलेगा।
सन 1980 के बाद से धरती की सतह का औसत तापमान तकरीबन 1 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है नासा का कहना है कि यह गर्मी कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन ग्रीन हाउस गैसों और पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ के कारण उत्पन्न हुई है जंगलों की अंधाधुंध कटाई ने इस समस्या को गंभीर कर दिया है जो कार्बन डाइऑक्साइड पेड़-पौधे शोख लेते थे वह अब वातावरण में घुल रही है दूसरी ओर ब्रिटिश मौसम वैज्ञानिकों ने चेताया है कि अगले 5 साल पिछले 10 वर्षों के मुकाबले अधिक सर्वाधिक गर्म रहने वाले हैं तापमान बढ़ने का सीधा असर खेती किसानी पर पड़ेगा और पैदावार कम हो जाएगी कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि 1 डिग्री तापमान बढ़ने से पैदावार में 3 से 7 फ़ीसदी की कमी आ जाती है भारत में पर्यावरण को लेकर एक बड़ा खतरा पॉलिथीन और प्लास्टिक से भी है आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल जमशेदपुर की ओर से इस समस्या से उबरने के लिए एक छोटा सा प्रयास संस्था की ओर से की जा रही है प्रत्येक महीने कम से कम 2,000 पौधे लोगों के बीच वितरित किए जाते हैं ।




