*श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीद वीरता वर्ष की श्रद्धांजलि सभा’ का उत्क्रमित उच्च विद्यालय कालीमाटी में आयोजन* जमशेदपुर – उत्क्रमित उच्च विद्यालय कालीमाटी, जेम्को आजाद बस्ती में सिखों के नौवें गुरु, शहीद श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीद वीरता वर्ष के उपलक्ष्य में एक गरिमामयी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस सभा का उद्देश्य गुरु साहिब के अद्वितीय बलिदान और त्याग को याद करना और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना था। *कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, कथावाचक ज्ञानी पपिंदर सिंह ने उपस्थित छात्रों को गुरुओं के प्रेरक इतिहास से अवगत कराया। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन दर्शन और धर्म की रक्षा के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान की कहानी विस्तार से सुनाई* । कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक धनंजय श्रीवास्तव, राकेश कुमार, रितु सिंह, करनदीप सिंह, एकता दीक्षित, पलक कुमारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

*श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीद वीरता वर्ष की श्रद्धांजलि सभा’ का उत्क्रमित उच्च

*श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीद वीरता वर्ष की श्रद्धांजलि सभा’ का उत्क्रमित उच्च विद्यालय कालीमाटी में आयोजन*

जमशेदपुर – उत्क्रमित उच्च विद्यालय कालीमाटी, जेम्को आजाद बस्ती में सिखों के नौवें गुरु, शहीद श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीद वीरता वर्ष के उपलक्ष्य में एक गरिमामयी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस सभा का उद्देश्य गुरु साहिब के अद्वितीय बलिदान और त्याग को याद करना और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना था।

*कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, कथावाचक ज्ञानी पपिंदर सिंह ने उपस्थित छात्रों को गुरुओं के प्रेरक इतिहास से अवगत कराया। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन दर्शन और धर्म की रक्षा के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान की कहानी विस्तार से सुनाई* ।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक धनंजय श्रीवास्तव, राकेश कुमार, रितु सिंह, करनदीप सिंह, एकता दीक्षित, पलक कुमारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

विद्यालय कालीमाटी में आयोजन*

 

जमशेदपुर – उत्क्रमित उच्च विद्यालय कालीमाटी, जेम्को आजाद बस्ती में सिखों के नौवें गुरु, शहीद श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीद वीरता वर्ष के उपलक्ष्य में एक गरिमामयी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस सभा का उद्देश्य गुरु साहिब के अद्वितीय बलिदान और त्याग को याद करना और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना था।

 

*कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, कथावाचक ज्ञानी पपिंदर सिंह ने उपस्थित छात्रों को गुरुओं के प्रेरक इतिहास से अवगत कराया। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन दर्शन और धर्म की रक्षा के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान की कहानी विस्तार से सुनाई* ।

 

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक धनंजय श्रीवास्तव, राकेश कुमार, रितु सिंह, करनदीप सिंह, एकता दीक्षित, पलक कुमारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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