गरीब आदिवासी बच्चों का धर्मांतरण का संदेह – विहिप बजरंगदल ने संभाला मोर्चा

सम्पादक महोदय जमशेदपुर
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विषय- गरीब आदिवासी बच्चों का धर्मांतरण का संदेह – विहिप बजरंगदल ने संभाला मोर्चा

देर रात एक बजरंगदल कार्यकर्ता के द्वारा कुल 20 आदिवासी बच्चों को टाटानगर रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध व्यक्ति के साथ संदेहास्पद स्थिति मे देखे जाने पर विहिप सिंहभूम विभाग मंत्री अरूण सिंह को सूचना की गई, फौरन सूचना मिलते विहिप के अरूण सिंह अपने बजरंगदल की टीम महानगर संयोजक चंदन दास जी के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचे तो पाया कि एक ईसाई व्यक्ति जो अपने को फादर बता रहा था एक महिला सिस्टर के साथ कम उम्र की नाबालिग लगभग 17 आदिवासी समाज की बच्चियां और 3 लडके को अपने साथ लेकर जा रहा है, जिनकी विहिप बजरंगदल की टीम ने पूछताछ की तो किसी बच्चे के पास कोई पहचान पत्र नही मिला, परिवार मे से कोई भी व्यक्ति किसी भी बच्चे के साथ नही और सभी डरे सहमे थे और गरीब परिवार से लग रहे थे,
विहिप के अरूण सिंह ने जब कडा विरोध किया गया तो रेलवे प्रशासन ने संदिग्ध फादर से पूछताछ कि तो उसने जानकारी दी कि वो सभी बच्चो को दो दिन की ट्रेनिंग पर करनडीह लेकर जा रहे है , संदिग्ध फादर के समर्थन मे तुरंत ही गोलमुरी और सेंट मेरी चर्च के फादर और कुछ राजनीतिक दल के नेताओं का फोन रेलवे-स्टेशन पर मौके अधिकारियों का आने लगा जिसपर रेलवे प्रशासन ने सभी आदिवासी बच्चों को फौरन ईसाई फादर के साथ छोड दिया और विहिप को यह आश्वस्त किया कि वो करनडीह स्थित सेंटर की जांच करेंगे , इस पर विहिप सिंहभूम विभाग मंत्री अरूण सिंह ने रेलवे अधिकारियों को अवगत कराते हुए बताया , कि अगर मामला गडबड पाया गया और धर्मांतरण का मामला करनडीह स्थित सेंटर पर पाया गया तो विहिप बजरंगदल जमशेदपुर मे अपने स्तर पर कार्यवाही करते हुए ऐसे सेंटर और संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उग्र आंदोलन करने सडक पर उतरेगी और आदिवासी समाज का धर्मांतरण कतई बर्दाश्त नही किया जायेगा ।

 

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