राँची। झारखण्ड विधानसभा में उठाए गए स्वर्णरेखा परियोजना से जुड़े 22 करोड़ के घोटाले के मामले में 70 दिनों बाद कार्रवाई हुई है।
वित्त विभाग ने जांच के बाद दोषी पाए गए तीन कोषागार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह मामला 12 मार्च को कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव द्वारा विधानसभा में उठाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि राँची प्रमंडल से जुड़ी स्वर्णरेखा परियोजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। सदन में इस मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ओर से बहस हुई और सभी ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।






