आचार संहिता की आड़ में प्रशासनिक कार्रवाई का सांसद ने किया विरोध।
राज्य सरकार के इशारे पर काम करना बंद करें प्रशासन : संजय सेठ
सांसद सह भाजपा प्रत्याशी ने कहा : केंद्रीय चुनाव आयोग से करेंगे शिकायत।
रांची। लोकसभा चुनाव और आचार संहिता की आड़ में जिला प्रशासन आमलोगों को परेशान करना बंद करें। जिला प्रशासन के द्वारा आचार संहिता के आड़ में जो कार्रवाई की जा रही है वह पूर्ण रूप से दुर्भावना पूर्ण कार्रवाई है। राज्य सरकार के दबाव में की जा रही कार्रवाई है। जिला प्रशासन को राज्य सरकार के एजेंट के रूप में काम करने से बचना चाहिए। उपरोक्त बातें रांची के सांसद सह भाजपा के प्रत्याशी श्री संजय सेठ ने कहीं। सांसद श्री सेठ ने कहा कि निजी घरों पर लगे झंडे, निजी घरों की दीवारों पर लिखे नारे और पोस्टर, यह सब जिला प्रशासन के द्वारा जबरदस्ती उतरवाया जा रहा है। मुकदमा करने की धमकी दी जा रही है, जो बिल्कुल गलत है। जिला प्रशासन चुनाव आचार संहिता का निष्पक्षता से पालन करे, मुझे इसमें कोई समस्या नहीं है परंतु इस तरह से आम जनता को परेशान करना बिल्कुल गलत और अनैतिक है।
श्री सेठ ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रशासन को कोई अधिकार नहीं है की निजी घरों में लगे झंडे, निजी घरों की दीवारों पर लगे पोस्टर या नारे को मिटवाए। यदि कोई व्यक्ति शिकायत करता है। कोई नागरिक शिकायत करते हैं तो जिला प्रशासन कार्रवाई करे, इसका स्वागत है।
प्रशासन याद रखे कि आचार संहिता की आड़ में और राज्य सरकार के दबाव में ऐसी कार्रवाई होती है तो इसका विरोध किया जाएगा। सांसद श्री सेठ ने कहा कि प्रशासन के द्वारा आचार संहिता की आड़ में व्यवसाईयों को भी परेशान करने किए जाने की खबरें आ रही है। प्रशासन अपने कर्मचारियों को इस बात की समझ दें कि व्यवसाय वर्ग व्यापार करने के उद्देश्य से भी कार्य करते हैं। ऐसे में इस तरह से व्यवसाईयों को परेशान करना, इससे बाजार का व्यवसाय प्रभावित होगा। रांची शहर प्रभावित होगा। सांसद श्री सेठ ने कहा कि जिला प्रशासन ने यदि अपनी इस तरह की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो वह इसकी शिकायत केंद्रीय चुनाव आयोग से करेंगे।





