जमशेदपुर को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज को अब तक बीसीआई से मान्यता नहीं मिली है

जहां अन्य शिक्षण संस्थानों में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है, वहीं कोल्हान विश्वविद्यालय के अधीन एकमात्र सरकारी लॉ कॉलेज, जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में सत्र 2023-26 के लिए नामांकन को लेकर संकट बना हुआ है.

कारण यह है कि को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से एक साल की मान्यता की अवधि पूरी हो चुकी है और काउंसिल ने अब तक नये सत्र के लिए मान्यता नहीं दी है.

हालांकि, इसके लिए कॉलेज प्रशासन ने पिछले साल दिसंबर में ही काउंसिल में आवेदन कर दिया था। करीब सात महीने बीतने को हैं, अभी तक बीसीआई की ओर से कोई जवाब नहीं आया है. इसके चलते कॉलेज में नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। इस संबंध में कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता मिलते ही वे एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर देंगे. गौरतलब है कि कॉलेज में एलएलबी की कुल 120 सीटें हैं।

पिछले साल भी कॉलेज को किसी तरह बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता मिल गई थी। इसके चलते नामांकन प्रक्रिया नवंबर में शुरू हुई और अब तक जारी है. जिन छात्रों की दो सेमेस्टर की पढ़ाई और परीक्षाएं अब तक पूरी हो जानी चाहिए थीं, उनका एडमिशन अभी भी चल रहा है. 120 सीटों पर प्रवेश होना है, लेकिन अभी तक 70 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है। अभी भी 50 सीटें खाली हैं. इस पर नामांकन के लिए अब तीसरी मेरिट लिस्ट जारी करने की तैयारी है.

को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीतेंद्र कुमार ने बताया कि कॉलेज की मान्यता बढ़ाने के लिए दिसंबर में ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन अब तक न तो कोई टीम निरीक्षण के लिए आयी है और न ही वहां से कोई पत्र मिला है. हमें उम्मीद है कि अगस्त तक उनका जवाब आ जाएगा. यह भी उम्मीद है कि इस सत्र के लिए हमें मान्यता मिल जायेगी.

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