महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, शिवम शिल्प कला केंद्र ने 40 महिलाओं को दिया प्रशिक्षण; प्रमाण पत्र के साथ प्रोत्साहन राशि वितरित
पैकेजिंग एवं डेकोरेशन कार्यशाला के माध्यम से महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल, विधायक सरयू राय और जेएनएसी के हेड योगेंद्र प्रसाद रहे उपस्थित
जमशेदपुर: महिलाओं को रोजगार से जोड़ने, उन्हें हुनरमंद बनाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संस्था शिवम शिल्प कला केंद्र की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं के बीच प्रमाण पत्र वितरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जेएनएसी के हेड योगेंद्र प्रसाद ने शिरकत की। अतिथियों ने महिलाओं को प्रमाण पत्र एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
संस्था की संरक्षक मधु सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत महिलाओं को पैकेजिंग एवं डेकोरेशन से संबंधित विभिन्न कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यशाला में कुल 40 महिलाओं ने भाग लिया और प्रशिक्षण के दौरान पैकेजिंग के अलग-अलग तरीके, आकर्षक सजावट, उत्पादों की सुंदर प्रस्तुति तथा इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा हुनर उपलब्ध कराना है, जिसके माध्यम से वे अपने घर से भी रोजगार शुरू कर सकें और अपनी आमदनी बढ़ा सकें। संस्था की ओर से महिलाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया है। पैकेजिंग एवं डेकोरेशन का कार्य ऐसा क्षेत्र है, जिसमें कम संसाधनों के साथ भी महिलाएं अपनी रचनात्मकता और कौशल के आधार पर रोजगार के अवसर तैयार कर सकती हैं।
समापन समारोह के दौरान अतिथियों ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सभी 40 महिलाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए। इसके साथ ही उन्हें प्रोत्साहन राशि भी दी गई, ताकि महिलाएं प्रशिक्षण में सीखे गए हुनर को आगे बढ़ाते हुए रोजगार की दिशा में कदम बढ़ा सकें। प्रमाण पत्र एवं प्रोत्साहन राशि मिलने पर महिलाओं में उत्साह देखने को मिला।
इस मौके पर मुख्य अतिथि विधायक सरयू राय ने महिलाओं को हुनरमंद बनाने और उन्हें रोजगार से जोड़ने की पहल को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें कौशल आधारित प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो इसका सकारात्मक प्रभाव उनके परिवार और समाज पर भी पड़ेगा।
वहीं, विशिष्ट अतिथि योगेंद्र प्रसाद ने भी महिलाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे रोजगार में बदलने का अवसर प्रदान करते हैं।
संस्था की संरक्षक मधु सिंह ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया था। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को पैकेजिंग एवं डेकोरेशन के कार्यों में दक्ष बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उन्हें सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने की है। संस्था आगे भी महिलाओं के कौशल विकास और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रयास जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के समापन पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को भविष्य में अपने हुनर का इस्तेमाल कर रोजगार के अवसर तलाशने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। इस पहल को महिलाओं के कौशल विकास, आर्थिक सशक्तीकरण और स्वरोजगार की दिशा में एक सार्थक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।






