जुगसलाई में अवैध पटाखा दुकानों पर प्रशासन की सख्ती, सड़क और बाजारों में दुकान लगाने पर रोक; चिन्हित मैदान में ही होगी बिक्री

जुगसलाई में अवैध पटाखा दुकानों पर प्रशासन की सख्ती, सड़क और बाजारों में दुकान लगाने पर रोक; चिन्हित मैदान में ही होगी बिक्री

बिना लाइसेंस पटाखा बेचने वालों पर होगी कार्रवाई, नियम तोड़ने पर दुकान जब्त करने के साथ रद्द हो सकता है लाइसेंस

जमशेदपुर। दीपावली एवं छठ महापर्व के मद्देनजर जुगसलाई नगर परिषद प्रशासन ने आम नागरिकों की सुरक्षा, अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम और शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पटाखों की बिक्री को लेकर सख्त कदम उठाया है। नगर परिषद प्रशासन ने जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र में सड़क किनारे, बाजारों, गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में संचालित होने वाली अस्थायी पटाखा दुकानों पर रोक लगा दी है। अब प्रशासन की ओर से चिन्हित निर्धारित मैदान में ही अस्थायी पटाखा दुकानें लगाने की अनुमति होगी। निर्धारित स्थल के अलावा अन्य किसी भी स्थान पर पटाखों की बिक्री करते पाए जाने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस संबंध में जुगसलाई नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संदीप पासवान ने स्पष्ट किया है कि दीपावली के दौरान पटाखों की खरीद-बिक्री के कारण बाजारों और रिहायशी इलाकों में भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क किनारे या घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पटाखों की दुकानें लगने से आगजनी और अन्य दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा दुकानों के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है और आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए नगर परिषद प्रशासन ने पटाखा दुकानों के लिए निर्धारित स्थल पर ही बिक्री सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है।

कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि प्रशासन की ओर से जिन मैदानों या स्थानों को पटाखा बिक्री के लिए चिन्हित किया गया है, दुकानदारों को वहीं अपनी अस्थायी दुकानें लगानी होंगी। बिना अनुमति अथवा निर्धारित स्थल से बाहर दुकान लगाने की छूट किसी को नहीं दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन कर सड़क, फुटपाथ, बाजार या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पटाखों की बिक्री करने वालों की दुकानों को जब्त किया जाएगा। साथ ही संबंधित दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

सुरक्षा के लिए जारी की गई विशेष गाइडलाइन

नगर परिषद प्रशासन ने पटाखा दुकानदारों के लिए सुरक्षा संबंधी कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत बिना वैध लाइसेंस के पटाखों की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। प्रत्येक दुकानदार को निर्धारित नियमों के अनुसार ही पटाखों का भंडारण और बिक्री करना होगा। दुकान में अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में बालू और पानी की व्यवस्था भी करनी होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के इन इंतजामों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके अलावा पटाखा बिक्री के लिए निर्धारित मैदान में अग्निशमन विभाग की ओर से फायर ब्रिगेड की गाड़ी तैनात रखने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। दुकानों के आसपास सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी भी की जाएगी।

सप्ताह में चार दिन चलेगा जांच अभियान

पटाखा दुकानों में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नगर परिषद की एनफोर्समेंट टीम विशेष अभियान चलाएगी। इसके तहत सप्ताह में चार बार दुकानों और बिक्री स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान दुकानदारों के लाइसेंस, दुकान लगाने की अनुमति, अग्निशमन यंत्र, बालू और पानी की उपलब्धता सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की पड़ताल की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

कार्यपालक पदाधिकारी संदीप पासवान ने सभी पटाखा कारोबारियों से अपील की है कि वे त्योहार के दौरान प्रशासन का सहयोग करें और केवल निर्धारित स्थल पर ही अपनी दुकानें लगाएं। उन्होंने कहा कि दीपावली खुशियों और रोशनी का पर्व है। ऐसे में त्योहार के उत्साह के बीच किसी प्रकार की लापरवाही से जान-माल का नुकसान नहीं होना चाहिए। दुकानदारों की जिम्मेदारी है कि वे स्वयं भी सुरक्षा मानकों का पालन करें और ग्राहकों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

नगर परिषद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी। अवैध रूप से पटाखों की बिक्री करने पर दुकान जब्त करने के साथ जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं गंभीर उल्लंघन की स्थिति में संबंधित दुकानदार का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रशासन के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य दीपावली के दौरान जुगसलाई के बाजारों और रिहायशी इलाकों को सुरक्षित रखना, आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण करना तथा आम लोगों को जाम और अव्यवस्था से राहत दिलाना है। अब यह देखना होगा कि नगर परिषद की निगरानी और नियमित जांच के बीच पटाखा दुकानदार इन दिशा-निर्देशों का कितना पालन करते हैं।

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