टाटा स्टील फाउंडेशन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिलाया हाथ

टाटा स्टील फाउंडेशन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिलाया हाथ
झारखंड के 13 जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के परिणामों में सुधार लाने और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए तीन साल की साझेदारी

रांची, जमशेदपुर, 2 नवंबर, 2026: टाटा स्टील फाउंडेशन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), झारखंड ने रणनीतिक, तकनीकी और कार्यान्वयन संबंधी सहयोग के माध्यम से राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। तीन साल की इस साझेदारी का उद्देश्य झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना, संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करना तथा मातृ, नवजात, शिशु और बाल स्वास्थ्य से जुड़े परिणामों में सुधार लाना है।

इस साझेदारी के तहत, फाउंडेशन पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में अपने मातृ एवं नवजात शिशु जीवन रक्षा कार्यक्रम (MANSI+) को जारी रखेगा। इसके अलावा, प्रोजेक्ट स्वास्थ्य (स्वास्थ्य के सतत रूपांतरण के लिए राज्यव्यापी गठबंधन) के माध्यम से फाउंडेशन, झारखंड सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग को दुमका, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा जिलों में रणनीतिक, तकनीकी-प्रबंधकीय सहयोग और सहायक निगरानी प्रदान करेगा।

यह साझेदारी छह प्रमुख क्षेत्रों पर काम करेगी: स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाओं की उपलब्धता, समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच, स्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंधन, स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी और स्वास्थ्य वित्तपोषण। इसके साथ ही, मातृ, नवजात, शिशु एवं किशोर स्वास्थ्य और पोषण (RMNCAH+N) से जुड़े परिणामों को बेहतर बनाने के लिए नए मॉडल और डिजिटल टूल्स को अपनाने में भी सहयोग दिया जाएगा।

इस साझेदारी का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों और स्वास्थ्य पेशेवरों की क्षमता बढ़ाना तथा साक्ष्य-आधारित योजना और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन को बेहतर बनाना है। प्रमुख कार्यक्षेत्रों में गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद देखभाल, नवजात एवं बाल स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया, रेफरल सेवाएँ, टेली-कंसल्टेशन, मलेरिया और टीबी शामिल हैं। इसके साथ ही, स्वास्थ्य सूचना प्रणाली, सप्लाई चेन मैनेजमेंट तथा जिला और राज्य स्तर पर समीक्षा तंत्र को भी बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

इस साझेदारी का एक प्रमुख उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देना है। इसके तहत ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य कार्ययोजनाओं को सहयोग देना, ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों (VHSNCs), जन आरोग्य समितियों (JAS) और रोगी कल्याण समितियों (RKS) को मजबूत करना तथा स्थानीय विकास योजनाओं में स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिकताओं को अधिक प्रभावी ढंग से शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है।

इस साझेदारी पर अपने विचार साझा करते हुए, टाटा स्टील फाउंडेशन के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, सौरव रॉय ने कहा, “राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के साथ हमारी यह साझेदारी समुदाय के स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारे अनुभव को राज्य की प्राथमिकताओं और संस्थागत व्यवस्थाओं के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। मानसी + से मिले अनुभवों के आधार पर, प्रोजेक्ट स्वास्थय का ध्यान स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को बेहतर बनाने, स्वास्थ्यकर्मियों को सहयोग देने तथा स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने पर होगा। झारखंड में स्वास्थ्य संबंधी परिणामों में सुधार लाने के लिए हम राज्य सरकार और समुदायों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

इस समझौता ज्ञापन (MoU) पर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. प्रभात कुमार और टाटा स्टील फाउंडेशन के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) देवदूत मोहंती ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के मिशन निदेशक शशि प्रकाश झा (IAS) तथा झारखंड सरकार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और टाटा स्टील फाउंडेशन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी ने आपसी सहयोग के माध्यम से राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई