डीसी कार्यालय के गेट पर व्यक्ति ने केरोसिन डालकर आत्महत्या का किया प्रयास, जवान की तत्परता से बची जान

डीसी कार्यालय के गेट पर व्यक्ति ने केरोसिन डालकर आत्महत्या का किया प्रयास, जवान की तत्परता से बची जान

राजेंद्र नगर की कमेटी में करीब 10 लाख रुपये के कथित गबन का आरोप, महीनों से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज था व्यक्ति

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिला उपायुक्त कार्यालय के मुख्य गेट पर बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक व्यक्ति ने अपने शरीर पर केरोसिन तेल डालकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। मौके पर तैनात सुरक्षा जवान की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। जवान ने व्यक्ति के हाथ से लाइटर छीनकर उसे आत्मघाती कदम उठाने से रोक लिया।

घटना के बाद मौके पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। पुलिसकर्मी व्यक्ति को समझाने और शांत कराने का प्रयास करते रहे। बाद में पुलिस उसे मामले की जांच और पूछताछ के लिए थाने ले गई।

करीब 10 लाख रुपये के गबन का लगाया आरोप

पीड़ित व्यक्ति के अनुसार, वह राजेंद्र नगर का निवासी है। उसने वहां की एक कमेटी में करीब 10 लाख रुपये के कथित गबन का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि कमेटी में आए दिन गलत कार्य किए जा रहे हैं, जिसकी शिकायत वह पिछले कई महीनों से जिला प्रशासन के अधिकारियों से कर रहा है। हालांकि, उसके मुताबिक अब तक उसकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

व्यक्ति का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी उसकी शिकायतों पर केवल टालमटोल कर रहे हैं, जिससे वह काफी परेशान हो चुका था। इसी नाराजगी और हताशा में उसने बुधवार को जिला उपायुक्त कार्यालय के गेट पर आत्महत्या करने का प्रयास किया।

कोर्ट के स्टे ऑर्डर के बावजूद न्याय नहीं मिलने का आरोप

पीड़ित ने अपने गले में एक दस्तावेज लटका रखा था, जिसे उसने अदालत का स्टे ऑर्डर बताया। उसका कहना था कि न्यायालय के आदेश के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उसने आरोप लगाया कि लगातार शिकायत करने के बाद भी जब उसे न्याय नहीं मिला, तो वह व्यवस्था से निराश होकर यह कदम उठाने को मजबूर हो गया।

घटना के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक उसे समझाने का प्रयास किया। सुरक्षा जवान की सतर्कता से व्यक्ति को आग लगाने से रोक लिया गया और उसकी जान बच गई।

फिलहाल पुलिस व्यक्ति को थाने ले जाकर मामले की जांच कर रही है। राजेंद्र नगर की कमेटी पर लगाए गए कथित गबन के आरोपों, प्रशासन को दी गई शिकायतों और अदालत के आदेश से संबंधित दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में संबंधित कमेटी और जिला प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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